
लोगों के पूजा घर में आने वाले दिनों में गोबर के बने लड्डू गोपाल दिखाई देंगे। कृषि उपज मंडी समिति जंक्शन के सचिव विष्णुदत्त शर्मा के प्रयासों से श्री गोशाला सेवा समिति की ओर से गाय के गोबर के लड्डू-गोपाल बनवाए गए हैं। नवज्योति मूक-बधिर विद्यालय जंक्शन के बच्चों ने आकर्षक लड्डू गोपाल तैयार किए हैं। रविवार को जंक्शन धान मंडी में प्रेस कांफ्रेंस कर गोबर से बनाए गए लड्डू गोपाल के बारे में जानकारी दी गई।
मंडी समिति सचिव विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि गोवंश के सरंक्षण के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि गाय में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। मां लक्ष्मी गाय के गोबर में विराजमान वास करती है। जब गोबर का उपयोग होगा तो गोवंश सुरक्षित हो जाएंगे। सचिव विष्णुदत्त शर्मा ने गोशाला समिति अध्यक्ष इंद्र हिसारिया की सराहना करते हुए कहा कि उनका हमेशा समर्पित भाव रहा है। समिति अध्यक्ष इंद्र हिसारिया ने बताया कि गोपाष्टमी पर्व 30 अक्टूबर 2025 को गोशाला परिसर में मनाया जाएगा। यह महोत्सव गोमाता के अवतरण दिवस को समर्पित रहेगा और दिनभर अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सुबह 9 बजे गोपूजन होगा। 10 बजे हवन का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2:30 बजे से सुंदरकांड पाठ श्री सुंदरकांड मित्र मंडल टाउन द्वारा किया जाएगा। शाम 5 बजे दीपदान व रंगोली कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महोत्सव में एक विशेष पहल की जा रही है ‘इलेक्ट्रॉनिक गोग्रास गुल्लक’ की। इसके माध्यम से गोभक्त प्रतिदिन गोसेवा का पुण्य प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल माध्यम से नित्य गोदान कर पाएंगे। इस बार महोत्सव में नवज्योति मूक-बधिर एवं अंधविद्यालय हनुमानगढ़ के बच्चों द्वारा विशेष योगदान रहेगा। बच्चे गोबर से निर्मित ‘श्री लड्डू गोपाल’ की मूर्तियां तैयार कर रहे हैं जो महोत्सव के दौरान दर्शन, पूजन और घर में स्थापना के लिए उपलब्ध होंगी। अध्यक्ष इंद्र हिसारिया ने बताया कि महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से प्रस्तुत की जाएगी।
इसे नवज्योति विद्यालय के विशेष बच्चे मंचित करेंगे। इस झांकी के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के अद्भुत स्वरूप के दर्शन के साथ यह संदेश दिया जाएगा कि अधर्म और अन्याय का अंत सदैव धर्म की शक्ति से ही संभव है। समिति सदस्यों ने बताया कि यह अवसर अत्यंत दुर्लभ और प्रेरणादायी होगा जो समाज में गोसेवा, दान और धर्म के प्रति नई चेतना का संचार करेगा। गोशाला परिसर को आकर्षक सजावट, पुष्प और विद्युत सज्जा से अलंकृत किया जाएगा। कार्यक्रम में जिलेभर से संत-महात्मा, गोभक्त और समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
