
हनुमानगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपने हक और सम्मान की लड़ाई को लेकर एकजुटता दिखाते हुए सोमवार को टाउन के सेंट्रल पार्क में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता राजस्थान राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सीमा भाटी ने की। इस दौरान जिलेभर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं शामिल हुईं।
बैठक में मानदेय वृद्धि का मुद्दा छाया। प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सीमा भाटी ने कहा कि सरकार से लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही है। मगर सरकार ने अभी तक इसको लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मात्र 10,000 मानदेय दिया जा रहा है, जो कि महंगाई को देखते हुए बहुत कम है। उन्होंने मानदेय को बढ़ाकर 28,000 प्रति माह करने की मांग उठाई। प्रदेश अध्यक्ष सीमा भाटी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के सबसे निचले स्तर पर महिला एवं बाल विकास की रीढ़ हैं। वे पोषण, टीकाकरण, शिक्षा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान किया जाना अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है।
बैठक में सरोज रानी, किरणबाला, मनजीत कौर, शोभारानी, गीता, नीलम, चंद्रकांता, सुरभि, शकुंतला आदि मौजूद रही। मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करेंगे बैठक में संगठन की ओर से आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई। प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों को लेकर जिलेभर अभियान चलाया जाएगा। भाटी ने कहा कि यदि सरकार ने मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो जिले स्तर पर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
इसके तहत तहसील और जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 1272 आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता प्रभावित जिले में वर्तमान में 1272 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से मानदेय, नियमितीकरण एवं सुविधाओं के अभाव से जूझ रही हैं। बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से होता है, फिर भी उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा।
