
गांव राठीखेड़ा के चक 5 आरके में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री लगाने के विरोध में 15 माह से धरना दे रहे ग्रामीणों को पुलिस ने मंगलवार अलसुबह बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। इस घटनाक्रम के विरोध में संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां के नेतृत्व में 67 महिला-पुरुषों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी। वहीं, पूर्व में दर्ज मुकदमे में 6 और अब नाकाबंदी तोड़ने के आरोप में 4 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। माहौल गर्माने पर कानून व्यवस्था एवं शांति के लिए बीएनएस की धारा 163 (पूर्व में 144) लागू करते हुए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।
मुख्य बाजार सहित मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी से टिब्बी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं, फैक्ट्री स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती में निर्माण सामग्री पहुंचने से फैक्ट्री निर्माण को लेकर हलचल शुरू हो गई। दिन भर टिब्बी थाना, एसडीएम कार्यालय और चक पांच आरके स्थित प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी जनेश तंवर के नेतृत्व में 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। एहतियातन चूरू, श्रीगंगानगर और बीकानेर से आरएसी व क्विक रिस्पॉन्स टीम के करीब 80 जवान बुलाए गए हैं।
एसपी हरी शंकर ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पूर्व में दर्ज मुकदमे में 6 और नाकाबंदी तोड़ने के आरोप में 4 लोगों को पुलिस ने डिटेन किया है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त जाब्ता मंगवाया गया है।
किसानों का तर्क- प्रदूषण होगा, महाप्रबंधक बोले- दूषित जल नहीं निकलेगा, 180 फीट ऊंची चिमनी बनेगी
चक 5 जेआरके में प्रस्तावित एशिया का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट लगाने का एमओयू से बड़ा निवेश आने की उम्मीद बंधी थी। एमओयू के अनुसार 450 करोड़ रुपए की लागत से डेढ़ वर्ष पहले प्लांट का निर्माण शुरू होना था, लेकिन प्रदूषण की आशंका के चलते ग्रामीण विरोध में उतर गए। इस कारण काम शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीण इस प्लांट से जल और वायु प्रदूषण तथा भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण से सांस तथा दूषित जल से कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ेगी, जबकि प्लांट के अधिकारी इन आशंकाओं को बेबुनियाद बता रहे हैं।
वहीं, ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक जय शर्मा का कहना है कि यह प्लांट जीरा लिक्विड डिस्चार्ज पर आधारित होगा। इसमें किसी तरह का दूषित जल नहीं निकलेगा, बल्कि पानी को रीसाइकिल कर पुनः उपयोग किया जाएगा। धुएं को ऊपरी वातावरण में छोड़ने के लिए 180 फुट ऊंची चिमनी बनाई जाएगी।
