
हनुमानगढ़ टाउन स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखा सिंह–शहीद बाबा मेहताब सिंह में आज अमावस्या का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धाभाव और पूर्ण आस्था के साथ मनाया गया। गुरुद्वारा परिसर में सुबह से ही संगत का तांता लगा रहा। प्रातः 10:30 बजे अखंड पाठ के भोग डाले गए, जिसके पश्चात हैड ग्रंथी ने इलाके की सुख-शांति और समृद्धि के लिए विशेष अरदास की। इसके बाद हजूरी रागी जत्था भाई सोहन सिंह–भाई परमजीत सिंह, रागी जत्था भाई गुरप्रीत सिंह बनवाला (श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब) तथा कविश्री जत्था भाई जगतार सिंह ने अपने मधुर कीर्तन और गुरु इतिहास के प्रेरक वर्णन से संगत को निहाल किया। पूरी संगत गुरु चरणों में लीन होकर आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेती रही। अमावस्या के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु अमृत सरोवर में पवित्र स्नान करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर परिवार और समाज की खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुद्वारा परिसर श्रद्धा, सेवा और भक्ति के वातावरण से सराबोर रहा। इस अवसर पर सेवादार बाबा जोगा सिंह और बाबा जग्गा सिंह ने बताया कि इस पवित्र स्थल की सेवा जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह अकाली, 96 करोड़ी, 14 मुखी शिरोमणि पंथ, अकाली बुढा दल (पंजाब) की सरपरस्ती में निरंतर की जा रही है। उन्होंने साध-संगत से विनती करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को गुरु इतिहास और सिख संस्कृति से जोड़ें, क्योंकि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों की ओर बढ़ रही है, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सेवादारों ने माता-पिताओं से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को गुरुद्वारा लाकर गुरु परंपरा, सिख इतिहास और मूल्यों से अवगत करवाएँ, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सके। समागम के उपरांत गुरु का अटूट लंगर श्रद्धालुओं को वितरित किया गया, जिसमें सभी ने सेवा और समरसता की भावना के साथ भाग लिया। पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और संगत ने अमावस्या के इस पवित्र दिवस का भरपूर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
