
हनुमानगढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए भोजन व्यवस्था अब पूरी तरह छात्र–केंद्रित मॉडल पर आधारित है। कॉलेज प्रशासन ने मैस और कैंटीन संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने तथा भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत 12 प्रमुख मानकों को अंतिम रूप दिया गया है। इसका फायदा कॉलेज में पढ़ने वाले 300 विद्यार्थियों सहित स्टाफ को मिलेगा।
बता दें कि हाल ही में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी एवं संबद्ध मेडिकल कालेजों में मैस एवं कैंटीन सेवाओं को लेकर नई गाइडलाइन बनाई है। दरअसल, हॉस्टल एवं संबद्ध अस्पतालों में स्वच्छ, किफायती, पौष्टिक एवं छात्र-केंद्रित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसकी पालना के लिए कॉलेज स्तर पर कमेटी बनाई गई है। छात्र नेतृत्व वाली समिति में 50 प्रतिशत छात्र, 30 प्रतिशत शिक्षक, 20 प्रतिशत प्रशासन से जुड़े लोग हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि भोजन का मेन्यू स्वयं छात्र तैयार करेंगे। इससे न केवल छात्रों की पसंद और जरूरतों को प्राथमिकता मिलेगी, बल्कि भोजन की बर्बादी भी कम होगी।
प्रशासन का कहना है कि पहले छात्रों की शिकायत रहती थी कि मेस में परोसा जा रहा भोजन उनकी आवश्यकताओं और स्वाद के अनुरूप नहीं होता। लेकिन अब मेन्यू निर्माण की जिम्मेदारी छात्र-प्रतिनिधियों को सौंपे जाने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। शिकायत निवारण के लिए सोशल ग्रुप सिस्टम बनाया, एक दिन में समाधान: इस पूरे सिस्टम की खास बात यह है कि शिकायत निवारण के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन एवं ऑनलाइन पोर्टल का प्रावधान दिया गया है।
शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक विशेष सोशल ग्रुप बनाया गया है, जिसमें छात्र अपनी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकते हैं। समिति और प्रशासन दोनों इस ग्रुप से जुड़े रहेंगे, ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। बता दें कि इसके लिए कैंटीन में भोजन बनाने वाले कर्मचारियों को भोजन सुरक्षा, स्वच्छता, ग्राहक सेवा पर अनिवार्य प्रशिक्षण प्रदान दिया गया है।
