
दीन हीन दुख हरने को, जन गण मंगल करने को, शक्ति प्रकटी झुंझुनूंधाम, पतित पावन दादी नाम… यही शक्ति है मां जगदंबा, यही भवानी दुर्गा अंबा, नारायणी है इसका नाम, पतित पावन दादी नाम… उच्चारण से एसएसबी रोड स्थित श्री दादी नारायणी धाम गूंज उठा। इस धाम में रविवार को मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया।
मंदिर करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ, जो झुंझुनूं वाली श्री दादी नारायणी धाम की तर्ज पर बनाया गया है। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। खास बात यह है कि मंदिर के दरबार में राणी सती दादी की स्मृति को समर्पित करते हुए करीब 1.50 किलोग्राम चांदी का एक त्रिशूल स्थापित किया गया। यह त्रिशूल मंदिर की दिव्यता को और बढ़ाता है। प्राण प्रतिष्ठा का यह धार्मिक अनुष्ठान 8 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा संपन्न करवाया गया। उन्होंने लगभग 5 घंटे तक पूजा-अर्चना की।
यह समारोह 7 दिन से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान का समापन था, जिसके तहत नवग्रह की विशेष पूजा की गई थी। इस दौरान शहरभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दादी नारायणी का आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ आरती की और पुष्पवर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस मंदिर में राणी सती दादी के अलावा भगवान गणेश, शिव दरबार आदि भी स्थापित किए गए है। सूरतगढ़ रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर के पुजारी हरलाल जोशी ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से जोड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों और करतल ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर समारोह में डटे रहे। मंदिर में मुख्य सती स्थल की स्थापना की , झुंझुनूं से अखंड ज्योत लेकर सेवादार 72 घंटे में श्रीगंगानगर पहुंचे : रविवार को मंदिर में आचार्य कृष्ण दत्त के सान्निध्य में पवन शास्त्री, आचार्य भारत भूषण वत्स, दीवान चंद शास्त्री, मनोज शास्त्री, कमल शर्मा, वीरपाल जोशी, सुंदरकांड पाठी राजेंद्र ने पूजा अर्चना करवाई।
इस मंदिर में झुंझुनूं से अखंड ज्योत लेकर सेवादार 72 घंटे में श्रीगंगानगर पहुंचे। श्री दादी नारायणी धाम चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश बंसल के अनुसार 1352 से 1762 विक्रम संवत तक कुल 13 सतियां हुईं। इसी कारण इस मंदिर परिसर में 12 छोटे और एक मुख्य सती स्थल की स्थापना की गई है। इसमें मां नारायणी, जीवणी सती, पूर्णा सती, पिरागी सती, जमना सती, टीली सती, बानी सती, मैनावती सती, मनोहरी सती, महादेई सती, उर्मिला सती, गुजरी सती व सीता सती शामिल हैं। इस समारोह में नरेश बंसल, संजय बंसल, अभिषेक बंसल, गौरीशंकर बंसल, राजेंद्र बंसल, ललित बंसल, गौरव बंसल व तरूण बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
