
हनुमानगढ़। संस्कार इंटरनेशनल एकेडेमी के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित रंगोत्सव समारोह में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के कुल बावन विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक सम्मान प्राप्त किए। रंगोत्सव के अंतर्गत चित्रांकन, हस्तलिपि, उँगली-अँगूठा कला, कैरिकेचर, टैटू कला, कार्टून निर्माण तथा रेखाचित्र जैसी विविध कलात्मक श्रेणियों में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में कक्षा चौथी “ए” के विद्यार्थी मिलन पंवार ने राष्ट्रीय स्तर पर समग्र प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय को विशेष पहचान दिलाई। उन्हें पुरस्कारस्वरूप एक स्केट स्कूटर तथा ट्रॉफी प्रदान की गई। कक्षा आठवीं “बी” की चार्वी को अत्यंत प्रतिष्ठित पांच सितारा उत्कृष्टता पुरस्कार मिला, जबकि कक्षा छठी “बी” के गुरनूर को कला गुण सम्मान प्राप्त हुआ।
इन विशिष्ट उपलब्धियों के अतिरिक्त विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से बाईस स्वर्ण पदक, सोलह रजत पदक, दस कांस्य पदक तथा दो विशेष उपहार सहित पदक प्राप्त किए, जो प्रतियोगिता में विद्यालय की मजबूत उपस्थिति का प्रमाण हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एल. बी. सुब्बा ने बताया कि रंगोत्सव में उल्लेखनीय प्रदर्शन के आधार पर विद्यालय के सभी बावन विद्यार्थियों का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की अगली प्रतियोगिता के लिए हो गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कला गतिविधियों के संचालन में उत्कृष्ट योगदान हेतु जगसीर ब्रार को श्रेष्ठ समन्वयक शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
विद्यालय को भी इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट सह-शैक्षणिक कार्यों के लिए भारत गतिविधि उत्कृष्टता सम्मान प्रदान किया गया। विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों तथा शिक्षकों ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए इसे विद्यालय के गौरव का महत्वपूर्ण क्षण बताया।
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हनुमानगढ़। गिरफ्तारी वारंट से तलब किए गए रिटायर्ड थाना प्रभारी के नाम से जज को धमकी भरा पत्र प्राप्त होने के मामले में नया मोड आ गया है। रिटायर्ड थाना प्रभारी ने हनुमानगढ़ के ही दो अधिवक्ताओं पर उसके दस्तावेजों का गलत उपयोग कर उसे बदनाम करने की नीयत से उसके नाम से धमकी भरा झूठा पत्र जज को भिजवाने का आरोप लगाया है। रिटायर्ड थाना प्रभारी की ओर से दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए अदालत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ में इस्तगासा दायर किया गया है। भवानी सिंह राठौड़ पुत्र मानसिंह राठौड़ निवासी 49, सिग्नेचर होम्स कॉलोनी, लालपुरा रोड, गांधी पथ वेस्ट वैशाली एस्टेट, जयपुर की ओर से दायर किए गए इस्तगासे में बताया गया है कि उसके खिलाफ ग्राम न्यायालय हनुमानगढ़ में एक प्रकरण पिछले 17 वर्षांे से लम्बित है। इसमें उसने अपनी पैरवी के लिए हेमसिंह खिच्ची व अलंकार सिंह निवासी हनुमानगढ़ जंक्शन को अधिवक्ता नियुक्त किया हुआ है। इस प्रकरण में उसने अपने बचाव में हस्ताक्षर व सील मोहर अंकित कुछ दस्तावेज इन दोनों अधिवक्ताओं को भेजकर उसके बचाव के लिए ग्राम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा था। लेकिन इन्होंने उसके दस्तावेज न्यायालय में पेश नहीं किए। न ही इन्होंने उसे कभी भी यह सूचना दी कि न्यायालय के आदेशानुसार न्यायालय में आवश्यक रूप से उपस्थित होना है। न्यायालय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उसे इनकी नीयत पर शक हुआ तो उसने इन लोगों के चरित्र के बारे में आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी। तब उसे यह ज्ञात हुआ की हेमसिंह खिच्ची व उसके पुत्र रोहित खिच्ची वगैरा के खिलाफ हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी। उसमें इन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वर्तमान में उक्त प्रकार के प्रकरण की अपील जिला एवं सेशन न्यायाधीश हनुमानगढ़ में लम्बित है। इसी प्रकार अलंकार सिंह जब वकालत के पेशे में आया था तो उस समय अलंकार सिंह, हेमसिंह खिच्ची का जूनियर था जो हेमसिंह खिच्ची के आदेशों की अक्षरश: पालना करता था व आज भी करता है। भवानी सिंह राठौड़ के अनुसार आईटीआई के जरिए सूचना मंगवाने का पता चलने पर हेमसिंह खिच्ची व अलंकार सिंह उससे नाराज हो गए। दोनों ने उसे बदनाम करने की नीयत व आशय से उसकी ओर से न्यायालय में पेश करने के लिए सौंपे गए हस्ताक्षरित मोहर लगे दस्तावेजों को साइबर फ्रॉड के तहत स्कैन कर उसके नाम से एक धमकी भरा झूठा पत्र डाक के जरिए ग्राम न्यायालय को सम्बोधन करते हुए भिजवाया गया। जबकि उसने कभी भी ग्राम न्यायालय हनुमानगढ़ को सम्बोधित करते हुए कोई पत्र नहीं लिखा। न ही उक्त पत्र पर उसने अपने हस्ताक्षर किए व सील लगाई। उसकी सील मोहर पर 7 लाइनों के अक्षर अंकित हैं जबकि ग्राम न्यायालय को भेजे गए पत्र में लगी सील में कुल 4 लाइन है। इससे प्रथम दृष्टयता यह स्पष्ट होता है कि ग्राम न्यायालय को भेजा गया पत्र एक साइबर फ्रॉड है। उसे यह भी पता चला कि हेमसिंह खिच्ची व अलंकार सिंह ने लम्बित प्रकरण में उसके खिलाफ जान-बूझकर गिरफ्तारी वारंट जारी करवाए हैं। भवानी सिंह राठौड़ के अनुसार इसका पता चलने पर जब उसने हेमसिंह खिच्ची व अलंकार सिंह से सम्पर्क किया तो दोनों ने कहा कि उसने उनके चरित्र के बारे में सूचना मांगी थी। अब वह इसका अंजाम भुगते। वे उसे जेल में सड़ाएंगे और सारी हेकड़ी निकालेंगे। जमानत भी नहीं होने देंगे। भवानीसिंह राठौड़ के अनुसार वह गिरफ्तारी के भय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पा रहा। उन्होंने दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश हनुमानगढ़ जंक्शन थाना पुलिस को देने की मांग न्यायालय से की।
