
हनुमानगढ़। क्षेत्र के चक 4 एसटीजी में बनाए जा रहे सरकारी पक्के खाले को लेकर स्थानीय किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग द्वारा खाले का निर्माण तकनीकी मानकों के विपरीत किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण अशोक कुमार मक्कासर के नेतृत्व में किसानों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा और मौके की तस्वीरें व साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
ज्ञापन में किसानों ने उल्लेख किया कि जिस स्थान पर खाले का निर्माण किया जा रहा है, वहां ढलान, जल प्रवाह और खेतों की प्राकृतिक संरचना को नजरअंदाज़ किया गया है। ऐसे में नाला बनने के बाद बारिश के दिनों में पानी का दबाव बढ़ने से खेतों में कटाव, जलभराव और फसलों को नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रुकवाया जाए तथा तकनीकी टीम से पुनरू जांच करवाई जाए।
किसानों ने बताया कि वे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के पक्ष में हैं, लेकिन गलत ढंग से बनाए जा रहे खालों से समस्या हल होने के बजाय और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि सही प्लानिंग और उचित मापदंडों के आधार पर ही किसी भी नहर या खाले का निर्माण होना चाहिए। यदि निर्माण इसी तरह जारी रहा तो भविष्य में पानी की दिशा बदलने से कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचेगा।
जिला कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान बलवीर सिंह, अंकित, अवि, सुभाष, विजय और रायसिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी खामियों की जांच कर उचित कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
