
हनुमानगढ़/ टिब्बी राठीखेड़ा में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसानों की महापंचायत के बाद पुलिस और किसानों में झड़प हो गई। शाम 7 बजे के बाद तनावपूर्ण माहौल के बीच फैक्ट्री निर्माण स्थल पर वार्ता हुई। हालांकि किसानों की अपनी मांग पर अड़े रहने से वार्ता सिरे नहीं चढ़ सकी। प्रशासन से हुई वार्ता में शामिल पांच सदस्यीय कमेटी में शबनम गोदारा, नितिन ढाका, सुखजीत चट्ठा, जगजीत जग्गी व इंद्रजीत शामिल थे। इनकी वार्ता डीएसपी मीनाक्षी से हुई।
कमेटी की ओर से फैक्ट्री का निर्माण रोकने का आश्वासन लिखित में मांगा गया। प्रशासन की ओर से लिखित आदेश देने में असमर्थता जताई गई। इसके बाद सभी लोग गुरुद्वारा साहिब पहुंच गए हैं। वहां आंदोलनकारियों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है। देर रात बीकानेर रेंज आईजी हेमंत शर्मा टिब्बी पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद टिब्बी थाने में पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इससे पहले पुलिस ने करीब 24 लोगों को हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम में 6-7 पुलिस कर्मियों को भी चोटें आई हैं। इस संबंध में देर रात तक मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी।
वहीं प्रशासन का दावा है कि टिब्बी एसडीएम ने सार्वजनिक मंच से ये सूचना दे दी थी कि जनभावना को देखते हुए प्रशासन कंपनी का काम रोकने के लिए सहमत है लिखित में भी देने को तैयार है। टिब्बी में किसानों और पुलिस की झड़प के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी गर्मा गया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने इस घटनाक्रम को लेकर कमेंट करते हुए भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया।
उन्होंने कमेंट किया कि किसानों की भावनाओं पर कुठाराघात किया जा रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने कहा कि दोपहर 2 बजे ही संगरिया एसडीएम को भीड़ अनकंट्रोल होने की जानकारी दे दी थी। उनको अवगत करवाया कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मंच पर यह आकर बोल दे कि फैक्ट्री का निर्माण एक बार रुकवा दिया है और 11 सदस्य वार्ता के लिए आमंत्रित है। संगरिया एसडीएम ने तुरंत जिला कलेक्टर को फोन किया लेकिन कलेक्टर ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। जिला कलेक्टर यही चाह रहे थे कि आंदोलनकारी भड़कें। सबसे पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया फिर भीड़ नियंत्रित हुई। मेरा पैर भी फ्रैक्चर हुआ है।
संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि कांग्रेस इस आंदोलन में संघर्ष समिति के साथ हैं और आगे कांग्रेस अपने स्तर पर कलेक्ट्रेट को घेरेगी। जिला प्रशासन चाहता तो यह घटना रुक सकती थी। प्रशासन वार्ता के लिए आगे नहीं आया। ऐसा संशय है कि सरकार ने ही ऐसे लोग भीड़ में भेजे कि लाठीचार्ज की नौबत आए। मेरे सिर में चोट आई है। तीन टांके लगे हैं। कांग्रेस और माकपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। एसडीएम कार्यालय के आगे हुई सभा में श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनियां, माकपा नेता मंगेज चौधरी सहित हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों के कई नेता शामिल हुए हैं।
सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि जिस सरकार को जनता की भावनाओं को समझकर काम करने के लिए चुना गया था, वह उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि फैक्ट्री बनने से इलाके में प्रदूषण बढ़ेगा, जबकि इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) का प्रदूषित पानी पहले से ही एक बड़ी समस्या है। इंदौरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि वह इस मामले को लोकसभा में उठाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष- यह घटना प्रशासन का फेल्योर, किसानों के साथ है कांग्रेस: कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि यह घटनाक्रम प्रशासन के फेल्योर के कारण हुआ है। हमने तो पहले ही बता दिया था महापंचायत में किसान आएंगे। फैक्ट्री स्थल पर लोग पहुंचे यह पुलिस-प्रशासन की गलती के कारण हुआ उसमें हमारे लोग नहीं थे। एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में कांग्रेस किसानों के साथ है।
18 नवंबर 2025 को गांव राठीखेड़ा के चक 5 आरके में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री लगाने के विरोध में 15 माह से धरना दे रहे ग्रामीणों को पुलिस ने खदेड़ दिया था। इस घटनाक्रम के विरोध में संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया के नेतृत्व में 67 महिला-पुरूषों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी थी। वहीं, पूर्व में दर्ज मुकदमे में 6 और अब नाकाबंदी तोड़ने के आरोप में 4 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। माहौल गर्माने पर कानून व्यवस्था एवं शांति के लिए बीएनएस की धारा 163 (पूर्व में 144) लागू करते हुए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं थीं।
