
ये कहना है उन किसानों और ग्रामीण महिलाओं का जो हनुमानगढ़ में बन रही एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विरोध कर रहे हैं। महिलाओं का कहना था कि 15 महीने से हम शांति से विरोध कर रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
10 दिसंबर बुधवार शाम 4 बजे ये आंदोलन अचानक भड़क गया। जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री के अंदर घुसे प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस में आग लगा दी। इसकी दीवार भी तोड़ दी।
इस दौरान गाड़ियों, जेसीबी को आग लगा दी गई थी। गुरुवार 11 दिसंबर दोपहर तक इसे लेकर विरोध चलता रहा। इधर, इस हिंसा को एडीजी वीके सिंह का कहना है कि ये हिंसा बाहरी लोगों की वजह से भड़की। पंजाब-हरियाणा के साथ आस-पास जिलों से आए बाहर के लोगों ने किसानों को भड़काया। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में पुलिस और बॉर्डर होम के 36 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। इनमें 5 पुलिसकर्मियों को ज्यादा चोट लगी है।महिलाओं ने पुलिस पर लगाए ज्यादती के आरोप इस विवाद को लेकर परमजीत कौर से बातचीत की गई। वे पूरे घटनाक्रम को बताते-बताने रोने लगी। बोली- मैं धरनास्थल से वापस अपने घर जा रही थी। इस दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने मेरे बाल पकड़कर मुझे खींचा और मेरी पिटाई की। हमारे साथ बहुत ज्यादती हुई है।
महिला अमरदीप कौर ने बताया- हम लोग धरनास्थल पर बैठे हुए थे। पुलिसवालों ने मेरे कपड़े फाड़ दिए। मेरे साथ मेरा लड़का था, उसका सिर भी फट गया। जिसके बाद हमें इलाज करवाने के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। बाद में हम डर से गुरुद्वारा सिंह सभा आ गए, ताकि पुलिस हमें गिरफ्तार न कर ले। पूरी रात हमने गुरुद्वारा सिंह सभा में गुजारी।हमारे साथ एक सरदारजी थे। पुलिसकर्मियों ने उनकी पगड़ी उतारी और मारपीट की। हमारे बाल खींचे गए। हम लोग अपनी जान दे देंगे, लेकिन फैक्ट्री यहां नहीं लगने देंगे।महिलाएं बोलीं- पानी प्रदूषित होगा तो हमारी जिंदगी नर्क हो जाएगी सुखजीत कौर ने आरोप लगाया- प्रशासन के अधिकारियों ने मेरे नाक और घुटनों पर चोटें मारी। अगर फैक्ट्री यहां लग गई तो प्रदूषण होगा। जिससे दमा, कैंसर, सांस, चर्म रोग की बीमारियां होंगी और हमारा जीवन नर्क बन जाएगा। हमें और कुछ न मिले लेकिन साफ हवा, पानी तो चाहिए ही।
इस फैक्ट्री से हमारी धरती बंजर हो जाएगी। जमीन में प्रदूषित पानी डालेंगे तो यह पानी भी पीने लायक नहीं रहेगा। हम अपने और परिवार के लिए स्वच्छ वायु और पानी ही मांग रहे हैं।बलविंद्र कौर बोली- आंदोलन चलते हुए 16 महीने हो गए। 16 महीने से हम एसपी-कलेक्टर के आगे मिन्नतें कर रहे हैं। पैदल यात्रा तक लेकर गए। कलेक्टर से कहा कि फैक्ट्री नहीं चाहिए। हम जमीन का पानी पीते हैं। फैक्ट्री का प्रदूषित पानी जमीन में जाएगा तो हमारा पीने का पानी खराब हो जाएगा।
यह बात एसपी-कलेक्टर को पता है। सब जानते हैं कि कोई किसी का पीने वाला पानी खराब करेगा तो सामने वाला क्या करेगा? हमने शांतिपूर्वक धरना लगाया था। प्रशासन से झगड़ा नहीं था। सिर्फ फैक्ट्री मालिक के खिलाफ धरने पर बैठे थे।गुरुद्वारा सिंह सभा में गुजारी रात, पुलिस के डर से घरों पर लगाए ताले
इस हिंसा के लिए जिम्मेदार 107 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 40 लोग अब तक हिरासत में लिए जा चुके हैं। गुरुवार सुबह विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को बींझबायला मंडी बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया। वे किसानों की सभा में जा रहे थे।
इधर, बुधवार को हुए विवाद के बाद पुलिस ने लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया था। एथेनॉल फैक्ट्री के पास करीब 25 से 30 ढाणियां है। यहां रहने वाले सभी लोग डर के मारे अपना घर छोड़कर चले गए थे।
बताया जा रहा है कुछ लोग अपने घरों पर ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए तो कुछ गुरुद्वारा सिंह सभा में। हिंसा में घायल महिलाएं भी गुरुद्वारा सिंह सभा में पहुंचीं, जहां इनका इलाज किया गया। यहां करीब 100 से ज्यादा लोग अब भी है।
