
हनुमानगढ़ विक्षोभ एक्टिव होने के बाद मौसम में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। जिले में शुक्रवार को बादलवाही रही, जिसकी वजह से धूप का असर बीते दिनों की अपेक्षा कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद 18 तारीख के आसपास जिले में बारिश की स्थिति बन सकती है। यह बदलाव किसानों के लिए अहम है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12 और उच्चतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम साफ रहा।
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरे ने दृश्यता को कम कर दिया है, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं, अधिकतर लोग सर्दी जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं और सर्दी प्रभाव को देखते हुए पौधों की देखभाल में सावधानी बरतें।
एक्सप्लेनर: अब समय पर मावठ जरूरी, पाला पड़ा तो नुकसान तय 25 तक हल्की सर्दी, उसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना 25 दिसंबर तक सर्दी सामान्य रह सकती है। इसके बाद सर्दी बढ़ने की संभावना है। 18 से 20 दिसंबर के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से बीकानेर संभाग के एरिया में बादल छा सकते है और कहीं-कहीं बारिश भी देखने को मिल सकती है। 21 से 25 दिसंबर तक राज्य में मौसम साफ रहेगा। उत्तरी राजस्थान के इलाकों में कहीं-कहीं हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। इस बीच तापमान सामान्य के आसपास दर्ज होने की संभावना है।
राधेश्याम शर्मा, निदेशक, मौसम केंद्र।
बढ़ती सर्दी के बीच जहां एक तरफ किसान मावठ (सर्दियों की बारिश) का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। वहीं, दूसरी तरफ पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। किसानों का मानना है कि अगर समय पर मावठ हो जाती है, तो यह फसलों के लिए अमृत साबित होगी, लेकिन पाला पड़ने से बड़ा नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कड़ाके की ठंड रबी फसलों के विकास के लिए जरूरी होती है। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों को इस तरह का तापमान अधिक लाभ पहुंचाता है।
