
हनुमानगढ़ में टिब्बी स्थित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में 17 दिसंबर को प्रस्तावित महापंचायत को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता अटक गई है। सोमवार देर रात तक संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
इधर हनुमानगढ़ में बुधवार 17 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। जिला मुख्यालय पर धान मंडी में बुधवार को प्रस्तावित किसान महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
वार्ता के दौरान गतिरोध तब उत्पन्न हुआ जब जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने महापंचायत में ट्रैक्टर न लाने की शर्त रखी। इस पर किसान नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। बैठक में पुलिस अधीक्षक हरिशंकर सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
धान मंडी महापंचायत करने का रखा था प्रस्ताव प्रशासन की ओर से जिला कलेक्टर और एसपी ने महापंचायत के लिए ट्रैक्टर नहीं लाने, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या बताने और महापंचायत के लिए विधिवत अनुमति लेने की बात कही। किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने जंक्शन स्थित धान मंडी में महापंचायत आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था।
किसान मोर्चा की ओर से वार्ता में शामिल मंगेज चौधरी, रेशम सिंह मानुका और रघुवीर वर्मा ने प्रशासन की शर्तों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर किसान का वाहन है और इसके बिना किसान महापंचायत में नहीं पहुंच पाएंगे। वार्ता के बाद मंगेज चौधरी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन प्रशासन की शर्तों पर नहीं होगा और महापंचायत पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।
कलेक्टर ने ट्रैक्टर लाने की अनुमति नहीं दी वहीं कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि महापंचायत में ट्रैक्टर लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि टिब्बी में इसका दुरुपयोग देखा गया था। इस बीच, पंजाब से किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी सोमवार को हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने संघर्ष समिति के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया, हालांकि 17 दिसंबर की महापंचायत में अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उस दिन राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न स्थानों पर जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम है।
