
जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खंड ने भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयता क्रम जारी कर दिया है। यह रेगुलेशन 17 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मोडिया (एमओडी) नहर में 255 क्यूसेक, सूरतपुरा (एसटीपी) में 288, दीनगढ़ (डीएनजी) में 301, हरिपुरा (एचआरपी) में 314, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 459, पीलीबंगा (पीबीएन) में 674, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 685, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 698, अमरपुरा (एएमपी) में 814, मोरजण्डा (एमजेडी) में 1027, रतनपुरा (आरटीपी) में 1030, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 1070, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 1200, भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) में 1205, करनीसिंह (केएसडी) में 1535, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 1730, जोड़कियां (जेआरके) में 1810, संगरिया (एसएनजी) में 1816, भगतपुरा (बीजीपी) में 1854, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 1974, नगराना (एनजीडी) में 1982 और लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) नहर में 2222 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक नहर को आठ दिन पूरी क्षमता से चलाने के बाद बंद कर दिया जाएगा। नहरों में पानी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यदि किसी नहर के रेगुलेशन में बदलाव की आवश्यकता हुई, तो भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड और जल संसाधन खंड प्रथम/द्वितीय के एक्सईएन से विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था की जाएगी।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में वास्तविक पानी संबंधित एक्सईएन की मांग के अनुसार ही चलाया जा रहा है और इसमें कभी भी कमी की जा सकती है।
