
हनुमानगढ़ में गुरुवार को बीमा कर्मचारियों और पेंशनर्स ने केंद्र सरकार द्वारा बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एलआईसी कार्यालय के सामने किया गया।
ऑल इंडिया इंश्योरेंस पेंशनर्स एसोसिएशन (एआईआईपीए) और नॉर्दन जोन इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एनजेडआईईए) के आह्वान पर यह प्रदर्शन दोपहर के भोजन के समय आयोजित किया गया।
एआईआईपीए के बीकानेर मंडल के संयुक्त सचिव लोकराज शर्मा ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक विधेयक पेश किया है। इसमें इंश्योरेंस एक्ट 1938, एलआईसी एक्ट 1956 और आईआरडीए एक्ट 1999 में संशोधन कर बीमा क्षेत्र में एफडीआई को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रावधान है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कर दिया गया, जो जनहित के विपरीत है।
एनजेडआईईए के हनुमानगढ़ शाखा अध्यक्ष अमित चांडक ने कहा कि यह बीमा क्षेत्र को पूरी तरह निजी और विदेशी पूंजी के हवाले करने की साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र, कर्मचारियों, पेंशनर्स और आम बीमाधारकों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
बीमा कर्मचारियों और पेंशनर्स ने मांग की कि यदि विधेयक वापस नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। इस अवसर पर जोगेंद्र अग्रवाल, आशीष अरोड़ा, लक्ष्मण शर्मा, रविंद्र कुमार, याचना गोदारा, ज्योति मुंजाल, मोनिका, प्रिंसेस, गार्गी और राधिका जोशी सहित कई लोग मौजूद रहे।
