
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर) जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर के निर्देश पर इस वर्ष की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 रविवार को पूरे जिले में किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु समस्त जिले के लिये कुल 13 बैंच्स का गठन किया गया है। जिला मुख्यालय पर राजस्व न्यायालय की बैंच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में व तालुका मुख्यालय पर न्यायिक अधिकारीगण के साथ गठित की गई है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर कुल 05 बैंचों का गठन किया गया है। एडीजे सुथार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दाण्डिक शमनीय अपराध, चैक अनादरण के मामले, बैंक ऋण संबंधी मामले, मोटरयान दुर्घटना संबंधी मामले, उपभोक्ता सम्बंधी मामले, वैवाहिक मामले, ऋण विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व सम्बंधी मामले, बिजली पानी के अशमनीय मामलों के अतिरिक्त मामले व अन्य सिविल मामलों व राजीनामा योग्य मामलों का निस्तारण समझाईश से करवाने के प्रयास किये जायेगंे।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन 19645 प्रकरण, न्यायालयों में लंबित 8147 प्रकरण व कुल 27792 प्रकरण चिन्हित् कर रखे गये हैं जिनके निस्तारण हेतु पूर्व में संबंधित पक्षकारान को नोटिस भिजवाये जा चुके हैं। एडीजे रवि प्रकाश सुथार द्वारा आमजन से अपील की गई है कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत 21 दिसम्बर 2025 में अपने प्रकरण का राजीनामा से निस्तारण करवाने हेतु बढ़चढ़ कर हिस्सा लेवें। इस लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाने हेतु पक्षकारान संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर अपने प्रकरण का राजीनामा से निस्तारण करवायें। राजीनामा से होने वाले प्रकरण के निस्तारण में ना किसी पक्ष की हार होती है और ना किसी की जीत। इससे दोनों पक्षों के मध्य आपसी सौहार्द भी बना रहता है।
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जिला एवं सेशन न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने केन्द्रीय कारागृह श्रीगंगानगर का निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
श्रीगंगानगर, 20 दिसम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर ने केन्द्रीय कारागृह, श्रीगंगानगर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण दौरान कारागृह में निरूद्ध बंदियों से वार्ता कर प्रकरणों में पैरवी हेतु नियुक्त अधिवक्ताओं के बारे में जानकारी ली गई तो समस्त बंदियों के पास अपने प्रकरणों में अधिवक्ता नियुक्त होना बताया गया तथा नई आमद बंदियों से वार्ता की तो किसी भी बंदी द्वारा कारागृह में भोजन, पानी, चाय इत्यादि सम्बंधी कोई शिकायत नहीं की गई। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया। कारागृह में स्थित बैरकों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था पाई गई। इस दौरान कारागृह में अवस्थित विधिक सेवा क्लिनिक का भी जायजा लिया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त विजिटिंग अधिवक्ता व पीएलवी द्वारा नियमित रूप से बंदियों के विभिन्न प्रकार के रजिस्टरों में अभिलेख का संधारण किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान जिला न्यायाधीश ने बंदीगण को साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई ताकि सर्दी के मौसम में किसी तरह का कोई संक्रमण ना फैलने पाये। सजाबंदियों की परिजनों से वार्ता करने हेतु वार्ड के बाहर ही एसटीडी की सुविधा होना पाई गई। इसके पश्चात् कारागृह में कीचन की विजिट कर भोजन की गुणवत्ता व डाइट स्केल की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर केन्द्रीय कारागृह के अधीक्षक श्री महावीर प्रसाद, कारापाल, श्री ओमप्रकाश सहित कारागृह स्टाफ उपस्थित मिले। इसके साथ ही लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ श्री रोहताश यादव भी उपस्थित रहे जो सप्ताह में तीन दिवस जेल विजिट कर नई आमद बंदियों से वार्ता कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
