
हनुमानगढ़ शहर सोमवार सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। सुबह के समय कई स्थानों पर विजिबिलिटी 200 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसके चलते मुख्य सड़कों और हाइवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई, जिससे दफ्तर व स्कूल जाने वाले लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
घने कोहरे के कारण यातायात पर खासा असर पड़ा। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान निर्धारित गति से कम रफ्तार पर वाहन चलाएं। साथ ही, फॉग लाइट और पार्किंग लाइट का उपयोग करें तथा ओवरटेक करने से बचें। इसी बीच, शहर, कस्बों और कई ग्रामीण इलाकों से सुबह-सुबह बिजली आपूर्ति बाधित होने और बार-बार लाइट ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आईं। लो वोल्टेज और ट्रिपिंग के कारण हीटर, गीजर और मोटर जैसे उपकरण चलाने में दिक्कत हुई। अंधेरे और धुंध के दोहरे असर से लोग परेशान रहे।
बिजली कंपनियों पर पहले से ही फाल्ट, ओवरलोडेड लाइनों और पुराने नेटवर्क को लेकर सवाल उठते रहे हैं, और धुंध के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2-3 दिन तक न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 23 दिसंबर से ठंडी और शुष्क हवाएं तेज होने की संभावना है, जिससे दिन में भी ठंडक का असर बढ़ेगा और गलन महसूस होगी। पूर्वानुमान के मुताबिक, रात व सुबह के समय घना कोहरा रहेगा, जबकि दोपहर बाद हल्की धूप निकलने पर कोहरा धीरे-धीरे छंटेगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धुंध का यह दौर फिलहाल रबी फसलों के लिए लाभदायक है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बनी रहती है और सिंचाई का अंतराल बढ़ाया जा सकता है।
