
हनुमानगढ़ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान 31 दिसंबर तक फसलों का बीमा करवा सकेंगे। अंतिम तिथि में 9 दिन बचे हैं, लेकिन गत वर्ष की तुलना में इस बार लगभग एक तिहाई कृषकों ने ही अब तक प्रीमियम जमा करवाया है। सोमवार को दोपहर 12 बजे तक जिले में 42 हजार 322 कृषकों ने प्रीमियम राशि जमा करवाकर 99 हजार 160.43 हेक्टेयर फसलों का बीमा करवाया। जबकि गत वर्ष रबी सीजन में 1 लाख 38 हजार 469 किसानों ने 3 लाख 80 हजार 176.9 हेक्टेयर फसलों का बीमा करवाया था।
फसल बीमा के प्रति किसानों का रुझान कम होने का सबसे बड़ा कारण खराबे का क्लेम समय पर नहीं मिलना माना जा रहा है। हालांकि बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों व कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अंतिम दिनों में बीमा करवाने वाले किसानों की संख्या बढ़ती है। 31 दिसंबर तक प्रीमियम जमा होने के बाद राष्ट्रीयकृत बैंक 15 जनवरी तक पॉलिसी जारी करते हैं। ऐसे में गत वर्ष के बराबर ही इस बार भी फसलों का बीमा हो जाएगा। फसलों का बीमा करवाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इस बार जिले में 8 फसलें अधिसूचित की गई है। प्रत्येक फसल का प्रीमियम अलग-अलग तय किया गया है।
नुकसान होने की स्थिति में क्लेम भी फसलवार प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। जिले में अब तक 42 हजार 322 कृषकों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है। कुल 99 हजार 160.43 हेक्टेयर रकबा कवर हुआ है। इसमें सर्वाधिक 18 हजार 963 किसान नोहर तहसील क्षेत्र के हैं। गत वर्ष रबी सीजन में सर्वाधिक 52 हजार 928 कृषकों ने फसलों का बीमा करवाया था। दूसरे स्थान पर भादरा तहसील क्षेत्र के किसान है। अब तक 16 हजार 802 किसान बीमा करवा चुके हैं, जबकि गत वर्ष सीजन में यहां 43 हजार 951 किसानों ने बीमा करवाया था। संगरिया और हनुमानगढ़ तहसीलों में सबसे कम बीमा हुआ है। संगरिया में सोमवार दोपहर तक महज 218 और हनुमानगढ़ तहसील में 464 कृषकों ने प्रीमियम अदा कर बीमा करवाया। पिछले साल सीजन में संगरिया में 1097 और हनुमानगढ़ में 3720 कृषकों ही फसलों का बीमा करवाया। पीलीबंगा में अब तक 1091, पल्लू में 1529 और रावतसर तहसील क्षेत्र में 3255 कृषकों ने अधिसूचित फसलों का बीमा करवाया है।
गत वर्ष पीलीबंगा में 5328, पल्लू में 16563 और रावतसर में 11 हजार 123 किसानों ने बीमा करवाया था। ऋ णी कृषक 24 तक योजना तक योजना से बाहर हो सकेंगे, 29 तक फसलों में परिवर्तन करवा सकेंगे: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी सीजन 2025-26 की अधिसूचित फसलों का किसान 31 दिसंबर तक बीमा करवा सकेंगे। योजना के तहत ऋणी कृषकों के लिए बीमा योजना से बाहर होने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर निर्धारित है, वहीं बीमित फसल में परिवर्तन करवाने की अंतिम तिथि 29 दिसंबर तय निर्धारित है। ऋणी किसानों ने अगर 24 दिसंबर तक योजना से बाहर होने का संबंधित बैंक शाखा में फॉर्म नहीं भरा तो उनका स्वत: ही प्रीमियम कट जाएगा।
जानकारी के अनुसार सरसों के लिए प्रीमियम 1373.79 रुपए प्रति हेक्टेयर, तारामीरा के लिए 375.42 रुपए, गेहूं के लिए 1388.63 रुपए, चना के लिए 609.63 रुपए, जौ के लिए 935.61 रुपए, फूलगोभी के लिए 4275 रुपए, मटर के लिए 4275 रुपए, आलू के लिए 7260 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम तय किया गया है। सरसों के लिए 91583 रुपए, तारामीरा के लिए 25028 रुपए, गेहूं के लिए 92575 रुपए, चना के लिए 40642 रुपए, जौ के लिए 62374 रुपए, फूलगोभी और मटर के लिए 85500 रुपए तथा आलू के लिए 145200 रुपए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि रहेगी। बीमित राशि नुकसान के आधार पर प्रति हेक्टेयर कृषकों को मिल सकेगी।
