
हनुमानगढ़ में जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खंड की ओर से भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयता क्रम जारी कर दिया गया है। यह रेगुलेशन 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न नहरों में पानी की मात्रा निर्धारित की गई है। इसमें भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) नहर में 50 क्यूसेक, करनीसिंह (केएसडी) में 405, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 660, जोड़कियां (जेआरके) में 780, संगरिया (एसएनजी) में 786, भगतपुरा (बीजीपी) में 824, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 944, नगराना (एनजीडी) में 952, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 1200, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 1305, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 1333, रतनपुरा (आरटीपी) में 1344, मोडिया (एमओडी) में 1504, सूरतपुरा (एसटीपी) में 1513, दीनगढ़ (डीएनजी) में 1526, हरिपुरा (एचआरपी) में 1539, पीलीबंगा (पीबीएन) में 1774, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 1889, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 1900, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 1913, अमरपुरा (एएमपी) में 2006 और मोरजण्डा (एमजेडी) नहर में 2216 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक नहर को आठ दिन तक पूरी क्षमता से चलाने के बाद बंद किया जाएगा। नहरों में पानी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए, यदि किसी नहर के रेगुलेशन में बदलाव की आवश्यकता हुई, तो भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड और जल संसाधन खंड प्रथम/द्वितीय के एक्सईएन से विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, वास्तविक पानी संबंधित एक्सईएन की मांग के अनुसार चलाया जा रहा है, और इसमें आवश्यकतानुसार कमी भी की जा सकती है।
