
हनुमानगढ़ के सुरेशिया इलाके से करीब एक माह पहले लापता हुई 22 वर्षीय युवती का अब तक सुराग नहीं लगने पर परिजनों और मोहल्लेवासियों ने गुरुवार को सुरेशिया पुलिस चौकी के सामने धरना दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद भी गंभीर प्रयास नहीं किए, जबकि युवती की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है।
युवती के पिता के अनुसार उनकी बेटी 25 नवंबर की शाम करीब 5.30 बजे बिना बताए घर से निकल गई थी और वापस नहीं लौटी। 27 नवंबर को जंक्शन थाना में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों, परिचितों और बिरादरी में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
पिता का आरोप है कि वे लगातार थाने और चौकी के चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। परिजनों का कहना है कि अपनी स्तर पर तलाश करने पर उन्हें पता चला कि पंजाब और हरियाणा के युवकों ने उनकी बेटी को जबरदस्ती अपने पास रखा हुआ है।
परिजनों का आरोप है कि यह पूरी जानकारी सुरेशिया चौकी प्रभारी को भी दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो संदिग्धों को पकड़ा और न ही बाहर टीम भेजकर तलाश तेज की।
मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी कि जब तक युवती सुरक्षित बरामद नहीं हो जाती, तब तक वे चौकी के सामने धरने पर डटे रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में पूर्व पार्षद राजेंद्र चौधरी, जगदीप सिंह, अशोक गौरी, सिंगाराम भाट सहित वार्डवासी मौजूद रहे।
