
जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को अरावली बचाओ जन-जागरण अभियान के तहत पैदल मार्च निकाला। यह मार्च जंक्शन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। अभियान का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मनीष मक्कासर ने केंद्र सरकार पर अरावली की गलत परिभाषा तय कर इसे खनन माफियाओं के हवाले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वत श्रृंखला राजस्थान और उत्तर भारत के पर्यावरण के लिए जीवनरेखा है, जिसके संरक्षण के लिए ठोस नीति आवश्यक है।
मक्कासर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के फैसलों से अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने मनरेगा में किए जा रहे बदलावों का भी विरोध किया, इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण साधन बताया।
मनीष मक्कासर ने कहा कि कांग्रेस ने इन मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। इस अभियान का उद्देश्य अवैध खनन, पर्यावरण क्षरण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है।
नोहर विधायक अमित चाचाण ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अरावली जल, जंगल, जमीन और जीवन की रक्षा करती है, लेकिन भाजपा सरकार इसे खनन माफियाओं को सौंपना चाहती है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने को गरीबों और किसानों को तोड़ने की साजिश बताया।
मार्च में पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, पूर्व विधायक सुरेश चौधरी, रामेश्वर चांवरिया, पूर्व पार्षद गुरदीप चहल, प्रेमराज नायक, मनमोहन सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
