
हनुमानगढ़. जिले में रविवार को आसमान में इस तरह के तीतरपंखी बादल पूरे दिन छाए रहे। भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़ जिले में रविवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन भर तेज धूप खिली रही, वहीं आसमान में तीतरपंखी बादलों की आवाजाही बनी रही। सुबह के समय हल्की ठंड का असर रहा, लेकिन धूप निकलने के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर 24 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण बादलों की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते आने वाले एक-दो दिनों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आगे क्या: एक नए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 31 दिसंबर से 1 जनवरी को राज्य के बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र के जिलों के कुछ भागों में हल्की बारिश/मावठ होने की संभावना है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में घना कोहरा भी दर्ज होने की संभावना है। आगामी तीन-चार दिन न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज होने की संभावना है। तीतरपंखी बादळी दिखे तो धारणा है बारिश आएगी राजस्थानी लोक साहित्य में शकुन विचार का बड़ा महत्व है।
आम बोलचाल में इसे सुगन लेना भी कहते हैं। साथ ही लोक में ऐसी कहावतें भी प्रचलित हैं जो विज्ञान की दृष्टि से सटीक बैठती हैं। आसमान में जब तीतरपंखी बादळी के दर्शन होते हैं तो धारणा है कि अब बरसात अवश्य आएगी। कहा जाता है कि “तीतरपंखी बादळी, विधवा काजळ रेख। या बरसै वा घर करै, इणमें मीन न मेख।” वहीं कवि नानूराम संस्कर्ता का दूहा है- तीतरपंखी तण रही, जग जाणै करतूत। सिंझ्या पैली आवसी, सांचो करण सबूत।।
