
हनुमानगढ़ हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले के लाखों किसानों को नए साल में सेम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग की ओर से दोनों जिलों की 5 तहसीलों में 33 हजार 312 हेक्टेयर कृषि भूमि को सेममुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। सेम निस्तारण का काम शुरू हो भी गया है।
टिब्बी, पीलीबंगा, रावतसर और सूरतगढ़ तहसील में सेम निस्तारण के लिए 8 पैकेज में काम शुरू हो गए हैं। इसके तहत 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। पंपिंग स्टेशन से पानी इंदिरा गांधी नहर और घग्घर बहाव क्षेत्र में डालने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पूर्व में बने नालों की सफाई का काम होगा। जल संसाधन विभाग की राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना (आरडब्ल्यूएसआरपीडी) के तहत काम करवाए जाएंगे। इन कामों पर 145 करोड़ रुपए की लागत आएगी। कार्यादेश जारी होने के बाद लगभग सभी जगह काम शुरू हो चुके हैं। जून 2026 तक पंपिंग स्टेशन स्थापित करने सहित सभी काम पूरे हो जाएंगे। इसके बाद लाखों किसानों को सेम की समस्या से निजात मिलेगी। जल भराव से बंजर पड़ी जमीन में फसलें लहलाएगी। सेम की समस्या के निदान को लेकर राज्य सरकार और जल संसाधन विभाग की ओर से वर्षों से कार्य योजना बनाई जा रही थी।
अब काम शुरू होने के बाद इस समस्या का स्थाई समाधान होने की उम्मीद बंधी है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में सेम निस्तारण की समस्या के समाधान के लिए कार्य प्रगति पर है। पंपिंग स्टेशन सहित विभिन्न काम होंगे। जून 2026 में काम पूरे हो जाएंगे। इससे कृषकों को राहत मिलेगी। दिलीप जैन, अति. मुख्य अभियंता, पीएमयू, आरडब्ल्यूएसआरपीडी
नहरी तंत्र के सुधार के लिए राज्य सरकार ने बजट में कई घोषणाएं की थी। भाखड़ा नहरों की रिलाइनिंग हो रही है। आईजीएनपी क्षेत्र में खालों का पुनर्निर्माण और घग्घर बहाव क्षेत्र में कार्य होगा। नए साल में किसानों को कई सौगातें मिलेगी। प्रदीप रुस्तगी, चीफ इंजीनियर जल संसाधन उत्तर, हनुमानगढ़ हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले की 5 तहसीलों में सेम की समस्या वर्षों से है।
स्थाई समाधान नहीं होने की वजह से यह समस्या भी बढ़ती जा रही थी। पूर्व में नाले बनवाए गए थे, लेकिन साफ-सफाई नहीं होने व पर्याप्त संख्या में पंप नहीं होने के कारण भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। बरसात के समय में यह समस्या और बढ़ने से आस-पास का क्षेत्र में सेम के चपेट में आने से फसलों को नुकसान हो रहा था। अब जल संसाधन विभाग की ओर से एनडीबी के सहयोग से इस समस्या का स्थाई समाधान करने का बीड़ा उठाया है। 8 पैकेज में काम करवाया जा रहा है।
ये काम पूरा होने के बाद एनालिसिस किया जाएगा। आवश्यकता होने पर नए पंप सैट लगाने सहित अन्य आवश्यक काम भी करवाए जाएंगे। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसान बड़ी मेहनत से फसलों की बिजाई करता है।
अत्यधिक बारिश या भूमिगत जल स्तर बढ़ने से फसलें मुरझाती है तो यह किसान के लिए बड़ी पीड़ादायक होती है। इसलिए इसके स्थाई समाधान के लिए पूरा एनालिसिस कर काम करवाए जा रहे हैं। यहां स्थापित किए जाएंगे पंपिंग स्टेशन: (आईजीएमएन) की आरडी 96.400 पर दोनों तरफ एक-एक पंप, 17 डीडब्ल्यूडी पर एक पंप, डबलीखुर्द के पास नहर की एक आरडी 22 व लूने की ढाणी के पास आरडी 21 पर, आईजीएमएन आरडी 39.5 लेफ्ट व राइट साइड रणजीतपुरा के पास, जीडीसी 126.35 आरडी पर पंप, पदमपुरा, करनीसर, गांव संगीता के पंपिंग स्टेशन बनेंगे।
