
भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू), अखिल भारतीय किसान सभा तथा ग्रामीण खेत एवं मनरेगा मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त आह्वान पर 19 जनवरी को जनसभा एवं प्रदर्शन किया जाएगा। इसी कड़ी में बैठक हुई। पूर्व विधायक बलवान पूनिया, रामेश्वर वर्मा, सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, शेर सिंह शाक्य ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों को मजदूर-विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि नए श्रम कानूनों से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा, यूनियन बनाने का अधिकार और सामाजिक सुरक्षा कमजोर हुई है। इसके साथ ही मनरेगा योजना को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
वक्ताओं ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर जी राम जी रखने के प्रस्ताव को योजना की मूल भावना के खिलाफ बताया और कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों, खेत मजदूरों और बेरोजगारों के लिए जीवनरेखा है, इसके साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर बसंत सिंह, बहादुर सिंह चौहान, मनीराम मेघवाल, चंद्रकला वर्मा, बलदेव सिंह, हरजी वर्मा, राम सिंह, गुरुप्रेम सिंह, शिवकुमार, सुल्तान खान, दारा सिंह, रिछपाल सिंह राठौड़, गुरनायब सिंह बग्गा सिंह गुरदेव सिंह, पप्पू सिंह राम सिंह, साहब सिंह आदि मौजूद थे।
