
हनुमानगढ़ पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण संगरिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित हुआ। इसमें पंच गौरव कार्यक्रम अंतर्गत “एक जिला एक उपज’ के रूप में किन्नू बागवानी की संभावनाएं, चुनौतियां एवं पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके साथ समस्त उद्यानिकी फसलों जैसे बाग एवं सब्जियां की उत्पादन तकनीक के बारे में कृषकों को विस्तार पूर्वक बताया गया। प्रशिक्षण में डॉ. महावीर कस्वां ने नर्सरी मैनेजमेंट एवं बागों में जल प्रबंधन, डॉ. उमेश कुमार ने बागों में कीट नियंत्रण, डॉ. अमर सिंह पूनियां, सेवानिवृत्ति फार्म मैनेजर इंडो- इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मांगियाना हरियाणा ने किन्नू उत्पादन, ग्रेडिंग वैक्सिंग एवं विपणन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सभी किसानों ने वैज्ञानिकों से बाग एवं सब्जियों में आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तार पूर्वक प्रश्न पूछे कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया।
उपनिदेशक उद्यान डॉ. रमेश बराला ने कृषकों को उद्यान विभाग द्वारा देय सुविधाओं के बारे में बताया। डॉ. बराला ने कृषकों से आग्रह किया कि आधुनिक बागवानी के लिए उद्यान विभाग की फार्म गेट पैक हाउस, इंटीग्रेटेड पैक हाउस एवं अन्य प्रसंस्करण संबंधी योजनाओं का लाभ उठाएं। जल बचत के लिए ड्रिप आधारित सिंचाई प्रणाली अपनाने का किया आह्वान सहायक निदेशक उद्यान साहबराम गोदारा ने कृषकों से आग्रह किया कि जल बचत के लिए अधिक से अधिक ड्रिप आधारित सिंचाई प्रणाली अपनाते हुए खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र आवश्यक रूप से स्थापित करें। इससे जल बचत के साथ-साथ खेती की लागत को काम कर शुद्ध लाभ को बढ़ाया जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विभाग अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार ने कृषकों को जैविक बागवानी एवं सब्जी उत्पादन के बारे में तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण में जयप्रकाश, मोहन सिंह मान, राजेश सहू, कंवर लवप्रीत सिंह, कृषि पर्यवेक्षक उद्यान चरण सिंह मौजूद रहे। प्रशिक्षण के समापन पर डॉ. रमेश बराला ने प्रशिक्षण में मौजूद सभी वैज्ञानिकों और कृषकों का आभार जताया।
