
अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार श्री भजन लाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में महासभा ने स्पष्ट किया कि भगवान श्री विश्वकर्मा केवल जांगिड़ ब्राह्मण समाज के ही नहीं, बल्कि स्वर्णकार, लुहार, पांचारा, मूर्तिकार सहित अनेक शिल्पकार जातियों के आराध्य देव हैं। इसके अतिरिक्त समस्त उद्योग, प्रतिष्ठान, कारखानों में कार्यरत मजदूर, मिस्त्री, इंजीनियर एवं तकनीकी वर्ग भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर ही किसी नवीन कार्य का शुभारंभ करते हैं।
महासभा के अध्यक्ष चंपालाल व महामंत्री अशोक सुथार ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा माघ शुक्ला चतुर्दशी (स्योदशी) को भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती पर ऐच्छिक अवकाश घोषित किया गया है, किंतु लंबे समय से समाज की मांग है कि इस दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। इस संबंध में पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपे गए तथा समय-समय पर आश्वासन प्राप्त हुए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य सरकार द्वारा अन्य कई समाजों के आराध्य देवी-देवताओं की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती को लेकर अपनाया जा रहा उपेक्षापूर्ण रवैया शिल्पकार समाज के लिए पीड़ादायक है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है।
महासभा ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के गौरवशाली कार्यकाल में इस न्यायोचित मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। यदि भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है, तो इससे न केवल शिल्पकार समाज, बल्कि उद्योग एवं श्रमिक वर्ग में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
इस मौके पर वरिष्ठ सदस्य बेगराज खाती मीडिया प्रभारी रामनिवास मांडण प्रचार मंत्री हीरालाल लदोईया एडवोकेट प्रहलाद मांडण एडवोकेट सुनील सुथार आदि उपस्थित थे
