
श्रीगंगानगर में एक प्राइवेट स्कूल संचालक पर बिना मान्यता स्कूल चलाने, नाम बदलकर एडमिशन देने और फर्जी टीसी जारी करने का आरोप लगा है। साल 2024-25 में कक्षा 10 में एडमिशन दिलाने वाले एक पेरेंट की शिकायत पर यह मामला सामने आया, जब बच्चे की टीसी मांगी गई और डॉक्यूमेंट फर्जी पाए गए। शिक्षा विभाग की जांच में स्कूल को बिना मान्यता वाला बताया गया और जुर्माना व निलंबन के बावजूद स्कूल संचालन जारी रहने का आरोप है।
गुरुवार शाम को न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना मान्यता के स्कूल में दिलाया एडमिशन
शिकायतकर्ता अरुण कुमार निवासी सेतिया फार्म ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का साल 2024-25 में श्री चेतन्या टैक्रो स्कूल, पदमपुर बाईपास में कक्षा 10 में एडमिशन कराया था।
स्कूल प्रबंधन ने फीस और किताबों के नाम पर 72 हजार रुपए ले लिए। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि स्कूल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है और दी जा रही शिक्षा नियमों के खिलाफ है।

स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी की गई TC दिखाई दे रही है। आरोप है कि यह टीसी ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। जांच में सामने आया है कि स्कूल के पास मान्यता नहीं होने के कारण यह टीसी फर्जी बताई जा रही है।
TC मांगने पर पुरानी तारीख की फर्जी टीसी दी
अरुण कुमार ने बताया कि जब उन्होंने बेटे की टीसी मांगी तो स्कूल प्रबंधन ने 13 अगस्त 2025 की तारीख की टीसी तैयार की, जो 29 अगस्त 2025 को दी गई।
आरोप है कि टीसी जानबूझकर पुरानी तारीख की बनाई गई और डॉक्यूमेंट फर्जी थे, ताकि स्कूल की स्थिति छिपाई जा सके।
स्कूल का नाम बदलकर परिजनों को गुमराह करने का आरोप
शिकायत में कहा गया कि स्कूल प्रबंधन ने नाम बदलकर परिजनों को भ्रमित किया। स्कूल के बाहर ब्राइटलैंड्स कॉन्वेंट स्कूल का बोर्ड लगा है, जबकि अंदर श्री चेतन्या टैक्रो स्कूल संचालित किया जा रहा है।
स्कूल का नाम बदलने के लिए शिक्षा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई।

श्री चेतन्या टैक्रो स्कूल खुद का बनाया गया ऐप दिखाया गया है। इसी ऐप में बच्चों की प्रोफाइल, गतिविधियां और अटेंडेंस दर्ज की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल श्रीगंगानगर में संचालित होने के बावजूद ऐप में बच्चों की अटेंडेंस सिरसा (हरियाणा) की दिखाई जा रही है।
शिक्षा विभाग की जांच में बिना मान्यता पाया गया स्कूल
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजस्थान, बीकानेर की जांच में स्कूल को बिना मान्यता वाला पाया गया। जांच के बाद स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया और कक्षा 9 से 12 का संचालन एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद स्कूल संचालन जारी रहने का आरोप है।
फर्जी अटेंडेंस लगाने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका बेटा स्कूल में पढ़ाई नहीं कर रहा है, फिर भी उसकी अटेंडेंस लगाई जा रही है। आरोप है कि बच्चे को सिरसा के किसी स्कूल में दिखाकर हाजिरी दर्ज की जा रही है।

श्री चेतन्या टेक्नो स्कूल की ओर से जारी किया गया छात्र का 9th क्लास का रिपोर्ट कार्ड।
कक्षा 9 से शुरू हुआ मामला, 10वीं में खुली पोल
अरुण कुमार ने बताया कि साल 2023 में उन्होंने अपने बेटे का कक्षा 9 में इसी स्कूल में एडमिशन कराया था। उस समय भी स्कूल के पास मान्यता नहीं थी। दसवीं में पहुंचने पर स्कूल संचालकों ने कहा कि मान्यता मिलने वाली है, लेकिन बाद में बोर्ड ने मान्यता रद्द कर दी।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने कहा कि पढ़ाई यहीं होगी और एग्जाम सिरसा के स्कूल में कराए जाएंगे। परिजन इस बात से सहमत नहीं हुए और टीसी मांगी। जब बच्चे का दूसरे स्कूल में सीबीएसई बोर्ड के तहत एडमिशन कराने पहुंचे तो टीसी फर्जी पाई गई, जिसके कारण एडमिशन नहीं हो सका।
इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने इतना कहा कि बाद में बात की जाएगी, जिसके बाद कोई जवाब नहीं दिया गया।

श्रीगंगानगर स्थित श्री चेतन्या टैक्रो स्कूल श्रीगंगानगर में संचालित किया जा रहा है, जबकि स्टूडेंट्स की अटेंडेंस हरियाणा के सिरसा में दर्ज की जा रही है।
कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज, जांच जारी
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 3 जनवरी को सदर थाना पुलिस को स्कूल संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। बताया गया कि स्कूल में करीब 450 बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनमें से कक्षा 10 बोर्ड में लगभग 11 स्टूडेंट्स हैं। पुलिस फीस वसूली, फर्जी दस्तावेज और बिना मान्यता स्कूल संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
