
हनुमानगढ़। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) की बैठक जंक्शन शहीद भगत सिंह यादगार केन्द्र में जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह की अध्यक्षता में समपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय संयुक्त आह्वान पर आगामी 19 जनवरी 2026 को हनुमानगढ़ में एक विशाल जनसभा एवं प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में शनिवार को हनुमानगढ़ में एक तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमे संगरिया , टिब्बी, तलवाड़ा,नोहर,रावतसर भादरा, हनुमानगढ़ जंक्शन, डबली,पिलीबंगा गोलू वाला हनुमानगढ़ टाउन के जन संगठनों के पदाधिकारियों की गांव गांव में प्रचार प्रसार के लिए कमेटियां गठित की गई। बैठक में 19 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में जनसभा में पहुंचने का आह्वान किया गया।
बैठक में सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, माकपा नेता रामेश्वर वर्मा, सीटू जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों को मजदूर-विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। वक्ताओं का कहना था कि नए श्रम कानूनों से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा, यूनियन बनाने का अधिकार और सामाजिक सुरक्षा कमजोर हुई है, जिससे देश के करोड़ों श्रमिकों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
इसके साथ ही मनरेगा योजना को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। वक्ताओं ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर “जी राम जी” रखने के प्रस्ताव को योजना की मूल भावना के खिलाफ बताया और कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों, खेत मजदूरों और बेरोजगारों के लिए जीवनरेखा है, इसके साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए नेताओं ने एमएसपी पर मूंग की सरकारी खरीद शीघ्र शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। सरकार को किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देनी चाहिए।
इसके अलावा भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध में भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिना किसानों की सहमति और उचित मुआवजे के भूमि अधिग्रहण लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे किसान-मजदूरों का जीवन संकट में पड़ता है।
सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने और 19 जनवरी की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दिलाया। अंत में उपस्थित सभी संगठनों ने जन-जन तक आंदोलन का संदेश पहुंचाने और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया।
