
महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति, हनुमानगढ़ द्वारा मकर संक्रांति का पावन पर्व हनुमानगढ़ टाउन स्थित “अपना घर” वृद्ध आश्रम में बड़े ही स्नेह, आत्मीयता और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने आश्रम में निवासरत वृद्धजनों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें पारिवारिक वातावरण का सुखद अनुभव कराने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्यों ने सभी वृद्धजनों के साथ मिलकर बैठकर भोजन किया। भोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बुजुर्गों को यह अहसास दिलाने का माध्यम रहा कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ खड़ा है। समिति के सदस्यों ने बुजुर्गों से उनके जीवन अनुभव साझा किए, उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और भावनात्मक रूप से उन्हें अपनापन दिया।
महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अग्रवाल समाज की जिला अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अग्रवाल ने बताया कि समिति का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि वृद्धजनों के जीवन में खुशियों के क्षण जोड़ना और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर वृद्ध आश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति, दैनिक जरूरतों और अन्य व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति द्वारा सरकार की ओर से दी जा रही वृद्धावस्था पेंशन के संबंध में भी सभी वृद्धजनों से जानकारी प्राप्त की गई। जिन बुजुर्गों को किसी कारणवश पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके लिए महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा पेंशन शुरू करवाने हेतु आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। समिति भविष्य में भी वृद्ध आश्रम से निरंतर जुड़कर वृद्ध सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की उपाध्यक्ष अनुपमा विजय, संरक्षक सुमन चावला, दर्शना अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रेखा बंसल, सचिव मोनिका जिंदल, संगठन मंत्री वनिता सिंगला, सह संगठन मंत्री लीजा गोयल, प्रचार मंत्री मनीषा सिंगला, समिति सलाहकार श्यामसुंदर झंवर, अमृत गोयल, कोमल कुमार अग्रवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। वहीं वृद्ध आश्रम के संचालक नरेंद्र मिढा एवं आश्रम के अन्य सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
वृद्ध आश्रम के संचालक नरेंद्र मिढा ने महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन जब आगे बढ़कर बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं, तो वृद्धजनों को मानसिक संबल मिलता है और जीवन के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है।
समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और जिम्मेदारी का संदेश देने वाला रहा। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वृद्धजनों के चेहरों पर दिखी मुस्कान इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
