
क्षेत्र में लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए ईगल फाउंडेशन द्वारा आवारा पशुओं की सहायता के लिए एक मानवीय पहल की गई है। फाउंडेशन ने रविवार से आवारा पशुओं को गुड़ खिलाने का विशेष अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य सर्दी के मौसम में पशुओं को ऊर्जा प्रदान करना और उन्हें ठंड के दुष्प्रभाव से बचाना है। इस सेवा अभियान को शहरवासियों और पशु प्रेमियों द्वारा सराहनीय बताया जा रहा है।
अभियान की शुरुआत समाजसेवी धनुज रणवां, एसकेडी विश्वविद्यालय के संस्थापक बाबुलाल जुनेजा, ईगल फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी तथा एडवोकेट यादविंदर सिंह सेखों द्वारा की गई। सभी ने संयुक्त रूप से आवारा पशुओं को गुड़ खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और अन्य लोगों से भी इस मानवीय कार्य में आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ईगल फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि कड़ाके की ठंड में आवारा पशुओं के लिए भोजन की व्यवस्था कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गुड़ खिलाने से पशुओं को ऊर्जा मिलती है और वे ठंड का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के सदस्य अलग-अलग दलों में बंटकर दिन और रात दोनों समय इस अभियान को संचालित करेंगे।
प्रशांत सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा अभियान को 26 जनवरी तक निरंतर जारी रखा जाएगा। इसके लिए फाउंडेशन द्वारा कुल छह दल गठित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक दल में चार-चार सदस्य शामिल हैं। इनमें से तीन दल दिन के समय शहर व आसपास के क्षेत्रों में आवारा पशुओं को गुड़ खिलाने का कार्य करेंगे, जबकि शेष तीन दल रात्रि के समय इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। इस तरह चौबीसों घंटे सेवा कार्य जारी रहेगा।
अभियान के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों, गलियों, सड़कों और पशुओं के अधिक आवागमन वाले स्थानों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक आवारा पशुओं तक सहायता पहुंचाई जा सके। फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और करुणा का संदेश है।
इस मौके पर दर्शित मोदी, रितेश राज पुरोहित, धर्म सिंह अनूपगढ़, चीनू छाबड़ा सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और उन्होंने अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर पशु सेवा को मानव धर्म बताते हुए समाज के अन्य संगठनों व नागरिकों से भी अपील की कि वे आगे आकर इस तरह के कार्यों में सहयोग करें।
