
हनुमानगढ़ टाउन के सेक्टर नंबर 3 स्थित श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर में इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां पांच कुंडीय महायज्ञ के साथ भव्य श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन बड़े ही धार्मिक उत्साह और आस्था के साथ किया जा रहा है। यह आयोजन 9 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगा। कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष शंकर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का वाचन आचार्य श्री कृष्ण देव जी महाराज (गोधूलि पुरम, श्रीधाम वृंदावन) के श्रीमुख से हो रहा है। कथा सप्ताह के तीसरे दिन की पूजा की यजमानो द्वारा की गई । वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।
कथा सप्ताह के तीसरे दिन आचार्य श्री कृष्ण देव जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र और अजामिल उपाख्यान का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि उत्तानपाद के वंश में जन्मे ध्रुव को सौतेली मां सुरुचि द्वारा अपमानित किया गया, लेकिन उनकी माता सुनीति ने धैर्य और संयम बनाए रखा, जिससे परिवार एक बड़े संकट से बच सका। ध्रुव की बाल्यावस्था में की गई तपस्या से यह संदेश मिलता है कि भक्ति के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और बचपन में दिए गए संस्कार जीवन भर साथ रहते हैं।
आचार्य जी ने अजामिल उपाख्यान के माध्यम से यह भी बताया कि पाप से मुक्ति के लिए श्रीमद् भागवत में प्रायश्चित का मार्ग श्रेष्ठ बताया गया है। वहीं भक्त प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रह्लाद के अटूट विश्वास को साकार करने के लिए भगवान नृसिंह रूप में लोहे के खंभे से प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त की रक्षा की।
इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं तथा माता सती के चरित्र का भी विस्तार से वर्णन किया गया। माता सती की कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जहां अपने इष्ट, गुरु या स्वयं का अपमान हो, वहां बिना निमंत्रण जाना उचित नहीं है।
कथा सप्ताह का समापन 16 जनवरी 2026 को प्रातः 9:00 बजे हवन एवं पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति ने हनुमानगढ़ शहर की समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। इस आयोजन को सफल बनाने में ललित जैन, अरुण अग्रवाल, मनोहर कोचर, रवी जागिड़, शुभम कांनसरिया, अशोक अग्रवाल एवं पुरुषोत्तम शर्मा सहित अनेक श्रद्धालुओं का सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।
