
हनुमानगढ़ टाउन स्थित गुड मंडी निवासी नताशा मिड्ढा ने जिले का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। चंडीगढ़ में फोर्थ ईयर साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रहीं 21 वर्षीय नताशा को जयपुर में आयोजित फॉरएवर स्टार इंडिया सीजन-5 में मिस राजस्थान चुना गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस प्रतियोगिता में देशभर से 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुई थीं और राजस्थान की टॉप-250 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए नताशा ने यह खिताब अपने नाम किया। वे यह खिताब जीतने वाली हनुमानगढ़ की पहली लड़की हैं।
भास्कर से बात करते हुए नताशा ने बताती हैं कि मिस राजस्थान तक पहुंचने का सफ़र आसान नहीं रहा। जब इसकी तैयारियां करती थीं तो समाज और आसपास के लोगों ने भी ताने मारे। सबसे बड़ा डर तो मंच पर जाने का था। इससे पहले वे एक बार स्टेज पर गई थी तो दर्शकों को देखते ही वे स्तब्ध रह गईं और प्रदर्शन तक नहीं कर पाई। वहीं, वे एक नेशनल बैडमिंटन प्लेयर भी रह चुकी हैं।
ऐसे में रिश्तेदारों ने भी इस फील्ड में आने से मना किया। सभी ने कहा कि सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन पिता संजय मिड्ढा, मां सुमन, बहन यशी और मेंटर मंगला भारद्वाज ने उनका साथ नहीं छोड़ा। पढ़ाई के साथ साथ पैशन फॉलो करने की छूट दी। बता दें कि यह ख़िताब जीतने वाली नताशा हनुमानगढ़ से पहली लड़की हैं।
राजस्थानी संस्कृति दिखाने के लिए जोधा बाई का परिधान चुना: नताशा बताती हैं कि प्रतियोगिता का सबसे मुश्किल चरण कल्चरल राउंड रहा। राजस्थान की संस्कृति को मंच पर सही और सम्मानजनक तरीके से प्रस्तुत करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी। इसी उद्देश्य से उन्होंने जोधा बाई का लुक चुना। जब वे मंच पर आईं तो जमीन को छूकर दोनों हाथों जोड़ा और “खम्मा घणी” कहते हुए अभिवादन किया। उन्होंने बताया कि जोधा बाई का पहनावा भी इसीलिए चुना क्योंकि वे इतिहास में स्वाभिमान, साहस और सांस्कृतिक गरिमा की प्रतीक मानी जाती हैं। वे केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं थीं, बल्कि राजनीतिक समझ, संयम और प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जानी जाती थीं। यही सब चीजें इस कांटेस्ट के लिए भी जरूरी थीं।
