
गांव रामसरा नारायण के ग्रामीणों ने सोमवार को पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर जिला कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बने वाटर वर्क्स की घोर लापरवाही के चलते उन्हें दूषित व बदबूदार पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे जनस्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत रामसरा नारायण के चक 20 एचएमएच में वाटर वर्क्स का निर्माण किया गया है तथा वहीं पर पानी की टंकी भी बनी हुई है, जिसके माध्यम से पूरे गांव को पीने का पानी सप्लाई किया जाता है। हाल ही में जब ग्रामीणों ने वाटर वर्क्स का निरीक्षण किया तो सामने आया कि मौके पर पानी के फिल्टर पूरी तरह बंद पड़े हैं। इसके चलते बिना शुद्धिकरण के पानी की सप्लाई की जा रही है, जो पीने योग्य नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि टंकी और डिग्गी में पानी बेहद दूषित हो चुका है। पानी में मृत पशुओं के गिरने अथवा अन्य कारणों से हानिकारक दुर्गंध फैल रही है, जिससे पानी पीना तो दूर, इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी पानी का उपयोग पीने, खाना बनाने और अन्य घरेलू कार्यों में किया जा रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के बीमार पड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से मांग की कि बंद पड़े पानी के फिल्टरों को तुरंत प्रभाव से पुनः चालू करवाया जाए। इसके साथ ही फिल्टर शुरू करने से पहले डिग्गी और टंकी की पूरी तरह से सफाई करवाई जाए, ताकि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि वाटर वर्क्स की नियमित देखरेख के लिए एक स्थायी कर्मचारी नियुक्त किया जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि जब इस समस्या को लेकर वे पंचायत घर पहुंचे तो कार्यदिवस होने के बावजूद वहां न तो पंचायत सचिव मौजूद मिला और न ही कोई अन्य कर्मचारी। पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब स्थानीय स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, तब उन्हें मजबूरन जिला मुख्यालय आकर जिला कलक्टर से गुहार लगानी पड़ी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वाटर वर्क्स की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। जिला प्रशासन से ग्रामीणों को आश्वासन मिला कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर भानीराम बाना, साहबराम सियाग, प्रेम जाखड़, जसकरण सिंह फौजी, धर्म सिंह, गोरु रामसरा, भीम सियाग, सुरेंदर जिनगल, संदीप बराड़, सुभाष बना, सुखवीर, संदीप बाना, संदीप चौहान सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
