
हनुमानगढ़। विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में गुरुनानक विहार, हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी हरदीप सिंह (37) पुत्र छिन्द्र सिंह जाति मजबी सिख ने पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परन्तु आज दिन तक उसपर कोई कार्यवाही नही होने के विरोध में भारत की जनवादी नौजवान सभा डीवाईएफआई के बैनर तले जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
एसपी को सौपे गये ज्ञापन में पीड़ित हरदीप सिंह ने बताया कि सत्र 2014-15 में वह मस्तनाथ बीएड कॉलेज, माधवानी में अध्ययनरत था। इसी दौरान उसकी दोस्ती कमलदीप सिंह से हुई। बाद में कमलदीप सिंह, उसके भाई पवनदीप सिंह एवं उनके मित्र अर्जुन गोदारा द्वारा भगत सिंह चौक के पास “हैलसियन क्लासेज” नाम से एक संस्थान संचालित किया जा रहा था, जहां विदेश भेजने का कार्य किया जाता था।
जनवरी 2024 में आरोपियों ने प्रार्थी को जॉर्जिया देश में वर्क वीजा पर भेजने एवं वहां अच्छी आय दिलाने का प्रलोभन दिया। इसके लिए 6 लाख 40 हजार रुपये खर्च बताया गया। आरोपियों पर विश्वास करते हुए प्रार्थी ने 11 जुलाई 2024 को 3 लाख रुपये नकद तथा 12 जुलाई 2024 को 3 लाख 40 हजार रुपये अर्जुन गोदारा के एचडीएफसी बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से जमा करवाए।
आरोप है कि बाद में आरोपियों ने जॉर्जिया वीजा के बजाय दुबई का वीजा थमा दिया और कहा कि दुबई जाकर जॉर्जिया का वीजा बनवाया जाएगा। आरोपियों की बातों में आकर प्रार्थी 30 जुलाई 2024 को दुबई पहुंचा, जहां उसे राजेश चौधरी नामक व्यक्ति से मिलवाया गया। करीब 10 दिन बाद उसे एक कार्ड और जॉर्जिया का वीजा दिया गया, जिसके आधार पर वह जॉर्जिया पहुंचा।
जॉर्जिया पहुंचने पर प्रार्थी को पता चला कि दिया गया वीजा वर्क वीजा नहीं बल्कि केवल तीन माह के लिए वैध टूरिस्ट वीजा है। जब इस संबंध में आरोपियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कथित रूप से ठगी करने की बात स्वीकार करते हुए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
भारत लौटने के बाद गांव में पंचायत हुई, जिसमें आरोपियों ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक राशि वापस नहीं की गई। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक को सौंपी है। डीवाईएफआई जिला सचिव वेद मक्कासर ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कार्यवाही नही की गई तो डीवाईएफआई आन्दोलन करने पर मजबूर होगी।
