
हनुमानगढ़। भारत मुक्ति मोर्चा एवं उसके सहयोगी संगठनों ने बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति षड्यंत्रपूर्वक रद्द किए जाने का आरोप लगाते हुए महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन में बताया गया कि बामसेफ संगठन की ओर से काम्पीक एवं राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ का 42वां राष्ट्रीय अधिवेशन तथा भारत मुक्ति मोर्चा का 15वां राष्ट्रीय अधिवेशन 30 दिसंबर 2025 तक ओडिशा के कटक में आयोजित किया जाना प्रस्तावित था। यह अधिवेशन मुख्य रूप से ओबीसी वर्ग की जाति आधारित जनगणना के संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा था। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन एवं कटक महानगर पुलिस प्रशासन से पूर्व अनुमति लेकर सभी कानूनी प्रक्रियाएं महीनों पहले पूरी कर ली गई थीं।
भारत मुक्ति मोर्चा का आरोप है कि आरएसएस-बीजेपी से जुड़े लोगों के दबाव में साजिशपूर्वक इस अधिवेशन की अनुमति रद्द कर दी गई, जिससे देश-विदेश से आने वाले डेलीगेट्स एवं कार्यकर्ताओं को आर्थिक एवं मानसिक क्षति उठानी पड़ी। संगठन ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
मोर्चा की ओर से मांग की गई कि राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल की जाए तथा आयोजन रद्द होने से हुए नुकसान का पूर्ण मुआवजा दिया जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी संगठन के संवैधानिक, सामाजिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों को राजनीतिक दबाव में रोकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने हेतु स्वतंत्र कानून बनाए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे को दबाने की कथित साजिश की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई। संगठन ने ओडिशा राज्य सरकार पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से अनुच्छेद 356 के तहत संवैधानिक कदम उठाने की मांग की।
भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष/संयोजक ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन एवं उसके सहयोगी दल संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध जनआंदोलन को और व्यापक करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर लखपत राय, जसविन्द्र धालीवाल, श्याम कड़ेला, कैलाश तानियार, सुनील मेघवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
