
हनुमानगढ़। सामाजिक समरसता मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को स्थानीय सैन धर्मशाला में देवीलाल भाटी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बीकानेर से आए मंच के पदाधिकारियों मिलन गहलोत, भंवरलाल जांगिड़, मदनलाल स्वामी एवं रातप्रताप वर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की। बैठक का मुख्य उद्देश्य ओबीसी समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आगामी रणनीति तय करना रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राजस्थान के 200 विधायकों को ज्ञापन सौंपकर जातिगत जनगणना कराने तथा सक्षम एवं संपन्न वर्ग को ओबीसी श्रेणी से बाहर करने की मांग उठाई जाएगी। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में वास्तविक पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार और लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में जातिगत जनगणना समय की आवश्यकता बन चुकी है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जयपुर में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसके माध्यम से ओबीसी समाज की मांगों को प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही बीकानेर संभाग स्तर पर शीघ्र ही एक विशाल जनसभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग शामिल होंगे।
मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार द्वारा ओबीसी समाज की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही मूल ओबीसी वर्ग के लोगों की चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि समाज की राजनीतिक भागीदारी मजबूत हो सके।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामप्रताप भाट उर्फ प्रकाशनाथ ने कहा कि सामाजिक समरसता मंच का उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कौन से वर्ग पिछड़े हैं और किन्हें आरक्षण एवं सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। सक्षम लोगों का ओबीसी में बने रहना मूल पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय है।
वहीं जिला सचिव दुर्गा दत्त सैनी ने कहा कि मंच पूरी मजबूती के साथ ओबीसी समाज की आवाज को सरकार तक पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या दल के विरोध में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए है। जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप लेगा।
बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर सामाजिक समरसता, संगठन की मजबूती और समाजहित में निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
सुरेंद्र जालंधरा ने आरक्षण को कोर्ट के माध्यम से समझाया वह अशोक सुथार ने मूल ओबीसी संगठन मजबूत करने के लिए कोर्ट व धरातल पर मजबूती के प्रयास पर जोर दिया।
इस मौके पर रामस्वरूप भाटीवाल, मोहनलाल डाल, कृष्णलाल, विजय, रामप्रताप, डॉ. बलदेव कुमार, दीनदयाल सुथार, बनवारीलाल, अनंतराम ढूढाड़ा, डॉ महेन्द्र, ओमप्रकाश सैनी, साहबराम वर्मा, राजपाल, राजेश छिम्पा, सोहनलाल वर्मा, रामस्वरूप भाटी, सुरेन्द्र जलधरा, हजारीराम, मनीराम कारगवाल, देवीलाल भाटी, भंवरलाल जांगिड़, मदन स्वामी, रवि दादरवाल, शेरसिंह नोखवाल, वकील धोड़ेला, रामस्वरूप, प्रकाशचन्द्र, अशोक कुमार, संदीप धोड़ेला, अमर सिंह, सतपाल, मिकन गहलोत, दुर्गादत्त सैनी, रामप्रताप वर्मा, मुकेश भार्गव व अन्य समाज के लोग मौजूद थे।
