
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान उच्च शिक्षा की जिला इकाई के तत्वावधान में हनुमानगढ़ स्थित श्री गुरु नानक खालसा पीजी महाविद्यालय में कर्तव्य बोध दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में कर्तव्य, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महासंघ के जिला सचिव डॉ. रोहिताश वशिष्ठ रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए पंच परिवर्तन विचारधारा को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पंच परिवर्तन के पांच आयाम—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण बोध एवं स्वदेशी बोध—पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी और नागरिक को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थी जीवन संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण काल होता है। इस दौरान यदि श्रद्धा, सेवा और अनुशासन जैसे गुणों को आत्मसात किया जाए तो व्यक्ति स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनता है, इसलिए विद्यार्थियों का राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर भी विशेष रूप से बल देते हुए कहा कि गुरु का दायित्व अत्यंत व्यापक है, क्योंकि वह भविष्य की राष्ट्र निधि को संवारने का कार्य करता है। शिक्षक का कार्य केवल पाठ्य ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करना भी है। जब विद्यार्थी चरित्रवान, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे, तभी राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के निदेशक डॉ. अंग्रेज सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कर्तव्य बोध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है। उन्होंने महासंघ द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री सुखराज सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
