
हनुमानगढ़। शराब दुकानों की हाइवे से 500 मीटर दूरी को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्या पर शराब कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस संबंध में स्टे दिए जाने के बाद हनुमानगढ़ सहित पूरे प्रदेश के शराब संवेदकों में राहत का माहौल है। इस निर्णय को लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने संवेदकों के हित में महत्वपूर्ण बताया है।
लिकर कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप तिवाड़ी ने बताया कि आबकारी नियमों में सरलीकरण, अनावश्यक नियमों के नाम पर कारोबारियों को परेशान किए जाने तथा मदिरा दुकानों की लोकेशन को लेकर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के संबंध में पूर्व में आबकारी आयुक्त राजस्थान सरकार, उदयपुर को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद से ही विभिन्न मांगों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा था। इन मांगों में सबसे प्रमुख मांग राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) एवं राज्य राजमार्ग (एसएच) से मदिरा दुकानों की 500 मीटर दूरी को लेकर उत्पन्न समस्या का समाधान था।
लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अनुसार आबकारी मद्य संयम नीति के अंतर्गत स्वीकृत मदिरा दुकानों की लोकेशन को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों से संवेदक परेशान थे। इसी को लेकर राजस्थान वेलफेयर लिकर एसोसिएशन सहित अन्य संगठनों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के शराब दुकानों के स्थानांतरण संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए व्यापक निर्देशों की गहन जांच की आवश्यकता है, विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों के संदर्भ में, जिनमें कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंधों से छूट दी गई है। कोर्ट ने यह भी माना कि सड़क दुर्घटनाएं और शराब पीकर वाहन चलाने की समस्या गंभीर है, लेकिन बिना प्रभावित पक्षों को सुने जनहित याचिका में इस प्रकार का आदेश पारित किया जाना उचित नहीं था।
लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 नवंबर 2025 के आदेश को स्थगित रखते हुए 19 जनवरी 2026 को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से प्रदेश की करीब 1102 मदिरा दुकानों को सीधा लाभ मिलेगा और संवेदकों को अनावश्यक स्थानांतरण व अन्य परेशानियों से राहत मिलेगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस आदेश का स्वागत करते हुए इसे संवेदकों के लिए हितकारी बताया तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी सरकार और न्यायालय संवेदकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेंगे। इस मौके पर आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते व उनकी पूरी टीम के साथ लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के शीशराम यादव, विनोद पारेता कोटा, सुदेश ढाका, शीशराम झंझनु मौजूद थे।
