
हनुमानगढ़ सतीपुरा आरओबी का निर्माणकार्य में ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। करोड़ों की लागत से बन रहे इस आरओबी का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है, वहीं हाल ही में बनाई जा रही सर्विस सड़क भी निर्माण के कुछ ही दिनों में टूटने लगी है। इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। दरअसल, पिछले सात वर्षों से पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार की घोर लापरवाही का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। सड़क की सतह जगह-जगह से उखड़ रही है, गिट्टियां बाहर आ गई हैं। अभी तो बारिश नहीं हुई फिर भी सड़क का ये हाल है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जा रही। न तो गुणवत्ता की जांच हो रही है और न ही समय-सीमा का पालन। बता दें कि आरओबी के लिए कुल 58.34 करोड़ का बजट मंजूर हुआ था। 17 सितंबर 2018 को निर्माणकार्य शुरू हुआ था। उस समय निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि मार्च 2020 निर्धारित की गई थी। एक्सप्लेनर: आरओबी कब पूरा होगा, इसका जवाब नहीं बता दें कि जनवरी में इस आरओबी पर ट्रैफिक शुरू करने की योजना बनाई गई थी।
रोड सेफ्टी ऑडिट भी प्रस्तावित था, लेकिन निर्माणकार्य में छोड़ी गई गंभीर कमियों को देखते हुए इस माह सेफ्टी ऑडिट होना भी संभव नहीं दिख रहा। यह आरओबी जनता के लिए कब शुरू होगा, इसका जवाब आज भी किसी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है। बता दें कि नियमों के अनुसार आरओबी निर्माण से पहले सर्विस रोड का निर्माण, सड़कों पर साइन बोर्ड लगाना, अबोहर व सतीपुरा साइड राउंड अबाउट बनाना, सड़क चौड़ीकरण और चौराहों पर आइलैंड का निर्माण किया जाना था। लेकिन इन अनिवार्य कार्यों में से एक भी कार्य आज तक धरातल पर पूरा नहीं हुआ।
