
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर गांव 2 केएनजे में एक प्रेरणादायक और संस्कारप्रधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गांव की बेटियों ने गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। इस आयोजन के माध्यम से बालिकाओं में सेवा, करुणा और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को विकसित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के आयोजक रणवीर सियाग ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर गांव की बेटियों के हाथों गोशाला में गोमाता को गुड़ खिलाया गया। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है और बचपन से ही बच्चों को ऐसे कार्यों से जोड़ने पर उनमें अच्छे संस्कार विकसित होते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों के मन में दया, सहानुभूति और जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम की भावना पैदा होती है।
गोशाला में पहुंची बालिकाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गोमाता की सेवा की। बेटियों ने गुड़ खिलाने के साथ-साथ गोशाला की साफ-सफाई में भी सहयोग किया और गोमाता के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान बालिकाओं के चेहरों पर खुशी और गर्व का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इसी के साथ बेटियों को फलों का वितरण भी किया गया।
आयोजक रणवीर सियाग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह समाज को यह संदेश देता है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यदि उन्हें सही दिशा, संस्कार और अवसर मिलें तो वे समाज को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बेटियों में आत्मविश्वास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।
उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के समय में बेटियों को संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है और गोसेवा जैसे कार्य उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं।
