
हनुमानगढ़। श्री श्री 1008 सतगुरु नवल साहिब की 243वीं जयंती वाल्मीकि समाज की ओर से शनिवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित वाल्मीकि वाटिका में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को वाल्मीकि वाटिका में सतगुरु नवल साहिब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। उपस्थित समाजजनों ने सतगुरु नवल साहिब के जीवन, उनके आदर्शों और समाज सुधार के लिए किए गए कार्यों को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि सतगुरु नवल साहिब ने समाज को एकता, समानता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि जयंती समारोह के अंतर्गत रविवार को शाम 6 बजे भाव सत्संग का आयोजन किया जाएगा। भाव सत्संग के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि जेल अधीक्षक योगेश तेजी होंगे। कार्यक्रम के दौरान केक काटा जाएगा एवं भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
इसके साथ ही जयंती के उपलक्ष्य में समाज के लोगों द्वारा शनिवार एवं रविवार की रात्रि को अपने-अपने घरों में दीपक प्रज्वलित कर सतगुरु नवल साहिब के प्रति श्रद्धा प्रकट की जाएगी। आयोजन समिति ने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने सतगुरु नवल साहिब के बताए सत्य, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और समाज में एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया गया।
समारोह को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों, समाजसेवियों एवं युवाओं का विशेष योगदान रहा। अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
