
हनुमानगढ़। जिले के निकटवर्ती गांव किशनपुरा दिखनादा में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से मनरेगा संग्राम अभियान के तहत एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर, किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया।
मनीष मक्कासर ने कहा कि नरेगा को बचाना मतलब मजदूर की आवाज को बचाना है। उन्होंने कहा कि इस देश के इतिहास में जिस भी सरकार ने मजदूर का नुकसान किया या उसका अपमान किया है, वह सरकार ज्यादा दिन सत्ता में नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से केंद्र सरकार मजदूरों और गरीबों के साथ व्यवहार कर रही है, वह अत्यंत चिंताजनक है और इससे सामाजिक असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) एक ऐसा महत्वपूर्ण कानून था, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और मजदूर वर्ग को काम का अधिकार दिया। इस योजना के तहत लाखों परिवारों को रोजगार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिली। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस कानून को कमजोर कर दिया है। बजट में कटौती, नियमों में बदलाव और नाम बदलने जैसे कदमों से योजना की मूल भावना पर प्रहार किया जा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की मंशा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से उनके अधिकार छीने जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की प्रक्रिया बाधित हो रही है। पंचायतों की भूमिका सीमित होने से न केवल मजदूर प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि गांवों के समग्र विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
मनीष मक्कासर ने कहा कि सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी (VB G RAM G) किया जाना केवल दिखावा है। नाम बदलने से मजदूरों की समस्याएं हल नहीं होतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी का मुख्य मुद्दा यही है कि मनरेगा योजना को उसके मूल स्वरूप में वापस लाया जाए और वीबी जी राम जी जैसी व्यवस्था को खत्म किया जाए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे मनरेगा संग्राम के तहत एकजुट होकर इस लड़ाई को मजबूत करें। गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया जाए।
जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे मजदूरों को पलायन से राहत मिलती है और गांवों में विकास कार्यों को गति मिलती है। योजना कमजोर होने से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों को हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया कि मनरेगा को बचाने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। जनसभा में मौजूद लोगों ने भी कांग्रेस पार्टी के संघर्ष में साथ देने का भरोसा जताया।
इस मौके पर गुरदीप चहल, जयराम ढुकिया, सुरेन्द्र मारवाल, कृष्ण स्वामी, मोटाराम, यश चिलाना पंकज सिरावता सोहन लाल लदोईया मोहन लाल इंड्लिया रामचन्द्र सूडा अनूप चौधरी रामेश्वर चांवरिया विजय टाक शाहरुख रोड़ावाली अली हसन जोइया गुरलाल सिंह मान दिग्विजय गोदारा विनोद गुरुसर, विनोद मंण्डा, भूप सिहाग, हंसराज बाना, कृष्ण पुनिया,राजकुमार शर्मा, हरबंश चिंडालिया, रोहिताश लोहरा, रणवीर, जेठाराम गोदारा, हरी बिस्सु, सरपंच तानाराम, भोलासिंह कंस्वा, रामेश्वर चावरिया, कांशी राम बिस्सु, सरजीत सिंहमार, आदित्य सियाग, पंकज सिरावता, साहबराम मेघवाल, मास्टर महावीर जांगु, लुना राम बुढ़ानिया ने संबोधित किया।
