
हनुमानगढ़। इंदिरा वाटिका में सेक्टर हनुमानगढ़ ए, बी एवं मक्कासर के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अंतर्गत सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण की स्थिति में सुधार लाना तथा शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीडीपीओ सुनीता शर्मा उपस्थित रहीं। उन्होंने लाभार्थी महिलाओं को मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना गर्भवती महिलाओं में पोषण स्तर सुधारने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने पर जोर दिया।
महिला पर्यवेक्षक रजनी ने कम उम्र में गर्भधारण से होने वाले दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने महिलाओं से स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा से जुड़ने तथा सही समय पर परिवार नियोजन अपनाने का आह्वान किया।
महिला पर्यवेक्षक मधु महाजन ने तिरंगा थाली की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि थाली में हरी सब्जियां, प्रोटीन युक्त आहार एवं ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल कर संतुलित पोषण प्राप्त किया जा सकता है। महिला पर्यवेक्षक संतोष खीचड़ ने बच्चों के प्रारंभिक एक हजार दिनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यही समय बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता अमृता एवं सीएचओ मोनू सिंह ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आयरन, कैल्शियम की गोलियां लेने तथा उचित एवं पौष्टिक आहार अपनाने की जानकारी दी। वहीं सुमन मैडम ने किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित समुदाय के गणमान्य व्यक्ति रमेश कंडा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज मिली जानकारी को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उसे धरातल पर उतारना जरूरी है। कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी होगी। अंत में प्रतिभागियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार के लिए निरंतर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
