
हनुमानगढ़। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में रविवार को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का व्यापक असर हनुमानगढ़ जिले में देखने को मिलेगा, जहां सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा बाजार बंद रखे जाने का निर्णय लिया गया है। यूजीसी एक्ट को लेकर सामान्य वर्ग में गहरा रोष व्याप्त है और इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए इसके विरोध में खुलकर सामने आने लगे हैं।
गौरतलब है कि यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में अब सत्तासीन पक्ष से जुड़े कार्यकर्ता और भाजपा सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। सामान्य वर्ग के लोगों के साथ हुई विभिन्न बैठकों और विचार-विमर्श के बाद इस कानून को सामान्य वर्ग के खिलाफ बताया गया है। लोगों का कहना है कि इस एक्ट के माध्यम से सामान्य वर्ग को पूर्वाग्रह से ग्रसित मानते हुए दोषी ठहराने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा सहयोगी संगठनों के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। बैठक में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. निशांत बत्तरा, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी, भवानीशंकर शर्मा, धन्नेसिंह राठौड़ सहित अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से रविवार को हनुमानगढ़ में बाजार बंद करवाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 में सामान्य वर्ग के प्रति भेदभावपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सामान्य वर्ग को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर दोषी न माना जाए और झूठी शिकायतें करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भेदभाव की परिभाषा को पूर्व में लागू नियमों के अनुसार यथावत रखा जाए तथा नए कानून में उल्लेखित जातिगत प्रावधानों को समाप्त किया जाए।
वक्ताओं ने रैगिंग एक्ट 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें पहले से ही स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं, ऐसे में नए कानून के नाम पर सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करना अनुचित है। उन्होंने चिंता जताई कि इस प्रकार के कानूनों से प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का मनोबल टूटेगा और उन्हें अनावश्यक रूप से हतोत्साहित किया जाएगा। बैठक में यह भी कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और निष्पक्ष वातावरण बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी वर्ग को निशाना बनाकर कानून बनाना सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचा सकता है। वक्ताओं ने आमजन से रविवार के बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की। अंत में सभी संगठनों और प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक यूजीसी एक्ट 2026 में संशोधन नहीं किया जाता और सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। बंद के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन से भी सहयोग की अपील की गई है। इस मौके पर डॉ. निशांत बतरा, भवानीशंकर शर्मा, सूर्यप्रकाश जोशी, हरिओम शर्मा, अविनाश शर्मा, भगवान सिंह खुड़ी,प्रेम दाधीच, धन्ने सिंह राठौड़, डॉ. प्रेमसिंह शेखावत, नवरत्न जैन, पवन पारीक, आनंद जोशी, राजेन्द्र जोशी, नारायण सिंह राठौड़, विजय कौशिक, कृष्ण कुमार जोशी, सतीश कुमार शर्मा, राजेन्द्र जोशी, डॉ. मनोज शर्मा, नरेन्द्र खण्डेलवाल, आशीष सक्सेना, हिमांशु मदान, कृष्णकांत परनामी, नरेश शर्मा, पवन सरावगी व अन्रू कार्यकर्ता मौजूद थे।
