
हनुमानगढ़| गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर जिले की मंडियों में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में जिले के व्यापारी वर्ग की कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक हुई। इसमें कच्चा आढ़तिया व्यापारी, किसान प्रतिनिधि एवं मजदूर संगठनों ने मंडियों को पांच ब्लॉक में विभाजित कर अलग-अलग खरीद एजेंसियों को लॉटरी के माध्यम से नियुक्त करने के निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराई। व्यापारियों ने कहा कि गेहूं खरीद का कार्य केवल एफसीआई के माध्यम से ही कराया जाना चाहिए।
बैठक में व्यापारियों ने जिला कलक्टर को अवगत कराया कि गत वर्ष रबी सीजन में एफसीआई की ओर से की गई गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह सफल और संतोषजनक रही थी। बारदाना वितरण, तौल प्रक्रिया, परिवहन और भुगतान सभी चरण सुचारू रूप से पूरे हुए थे, जिससे किसान, मजदूर और व्यापारी तीनों वर्गों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के व्यवस्था में परिवर्तन करना अव्यवस्था को आमंत्रण देने जैसा है। व्यापारियों ने बैठक में कहा कि मंडी को पांच ब्लॉक में बांटकर विभिन्न खरीद एजेंसियों को लाने से तालमेल की कमी, भुगतान में देरी और कार्यप्रणाली में अव्यवस्था की आशंका बढ़ जाएगी। बैठक में एडीएम उम्मेदी लाल मीना, व्यापारी पदम जैन, रामलाल किरोड़ीवाल, दलीप सिंह, प्रवीण तलवाड़िया आदि मौजूद रहे।
