
हनुमानगढ़। सहजीपुरा करनीसर क्षेत्र में खेत की सिंचाई के लिए तोड़ी गई पाइपलाइन जुड़वाने की मांग को लेकर किसान मलकीत सिंह को न्याय नहीं मिलने के विरोध में अखिल भारतीय किसान सभा ने आज जिला कलैक्ट्रैट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसान सभा का आरोप है कि स्पष्ट और अंतिम अदालती आदेशों के बावजूद जिला एवं पुलिस प्रशासन जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे किसान की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं।
किसान नेताओं ने बताया कि उप मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ द्वारा 26 सितंबर 2025 को पाइपलाइन जोड़ने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद जिला सत्र न्यायालय में दायर अपील को अपर जिला न्यायाधीश ने 8 दिसंबर 2025 को खारिज कर किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। वहीं जोधपुर उच्च न्यायालय ने भी मलकीत सिंह, बलविंद्र सिंह व मनप्रीत सिंह के पक्ष में निर्णय दिया। इसके बावजूद आज तक आदेशों की पालना नहीं हुई।
किसान नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है और जानबूझकर अदालती आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने कहा कि दो बार पुलिस जाब्ता मांगे जाने और तैयार होने के बावजूद प्रशासन टालमटोल कर रहा है, ताकि मामला लंबा खिंचता रहे।
धरने के दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि प्रशासन की हठधर्मिता के कारण किसान की अब तक तीन फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और चौथी फसल भी खतरे में है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निजी औद्योगिक इकाइयों के लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकते हैं, तो एक गरीब किसान को उसका कानूनी हक दिलाने में प्रशासन क्यों असमर्थ है।
किसान सभा के तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा व महासचिव मोहन लोहरा किसान सभा ने स्पष्ट किया कि जब तक अदालती आदेशों की पूर्ण पालना कर किसान को न्याय नहीं दिलाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान सभा ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी देते हुए घोषणा की कि बुधवार को जिला प्रशासन की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया जाएगा।
धरने को फुडग्रेन मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल एवं किसान नेता महंगा सिंह ने समर्थन देते हुए प्रशासन से शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।
धरने में किसान नेता ओम स्वामी, मलकीत सिंह, बलदेव मक्कासर, बलविन्द्र सिंह, रामसिंह, बलजीत सिंह, सेवक सिंह, ओम स्वामी, काका सिंह, रमेश मेहरड़ा, लेखराम परिहार, पवन परिहार, जगीर सिंह, बलदेव सिंह, अनमोल, जगपाल सिंह, चन्द्रभान, लाडूराम, हरबंस सिंह, निरंजन कुमार, कपिल देव, बंटु, चक्रधर कुमार, अफसर अली, दीपक कुमार, सुरेन्द्र शर्मा, रघुवीर वर्मा, ओम स्वामी, राजेन्द्र सिंह, विनोद कुमार वर्मा, धनराज सिंह, महंगा सिंह, विनोद परिहार सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
