
हनुमानगढ़ । वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव समाप्त होने के साथ ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले में बीते दो दिनों से आसमान साफ है और पूरे दिन तेज धूप खिली रही। धूप निकलने से लोगों को तेज सर्दी से कुछ राहत जरूर मिली है, हालांकि सुबह और रात के समय ठंड का असर अब भी बना हुआ है। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार राज्य में अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है।
इस दौरान किसी तरह की बारिश या बादल छाने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इस सप्ताह सर्दी का असर बना रहेगा, लेकिन अगले सप्ताह से ठंड धीरे-धीरे कम होने लगेगी। 15 फरवरी के बाद सर्दी का सितम कमजोर पड़ने की उम्मीद है। फरवरी के आखिरी दो सप्ताह में तापमान सामान्य रहने का अनुमान है। खासतौर पर रात का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, जिससे रात की ठंडक तो महसूस होगी, लेकिन उसका असर धीरे-धीरे कम होता जाएगा। महीने के अंत तक दिन में हल्की गरमाहट महसूस होने लगेगी और रात का मिजाज भी बदल जाएगा। मौसम में इस बदलाव से लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव नजर आने लगेगा और सर्दी से राहत मिलने लगेगी।
टोपरियां| चने की फसल में पीलेपन का रोग फैल गया है। किसान राजेंद्र सोनी की चक 20-आरडब्ल्यूडी में एक बीघा चने की फसल इसकी चपेट में आ गई है। खासकर पीला मोजेक वायरस उत्पादन को काफी हद तक प्रभावित कर रहा है। किसानों का कहना है कि रोग की अभी शुरुआत हुई है और यह तेजी से फैल सकता है। इसका समय पर इलाज आवश्यक है। इस रोग में पहले पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और फिर पूरा पौधा सूख जाता है। चने के पौधे की जड़ों में गांठें नजर आ रही हैं, जिसे उखटा रोग का शुरुआती लक्षण माना जाता है। कृषि पर्यवेक्षकों के अनुसार वर्तमान में मौसम में उतार-चढ़ाव है। दिन में तेज धूप और रात को हल्की सर्दी का असर है।
दिन की तेज धूप के दौरान सिंचाई करने से चना फसल में इस रोग के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। एक्सप्लेनर: सर्दी के सीजन का शिफ्टिंग महीना होता है फरवरी फरवरी का महीना सर्दी के सीजन का शिफ्टिंग का महीना होता है। इसमें सर्दी भी होती है और इसी महीने में सर्दी विदा भी होती है। कमोबेश इसी के आसपास ये महीना रहेगा। 15 फरवरी तक इस बार कई पश्चिमी विक्षोभ आने के आसार हैं। इसलिए बारिश भी आंशिक हो सकती है और कोहरा भी छा सकता है। मगर 15 फरवरी के बाद जैसे तापमान सामान्य से ऊपर जाएगा तो सर्द अहसास बदल जाएगा। विक्षोभ भी सप्ताह के अंत तक आ सकता है मगर पहाड़ों में जो विक्षोभ आ रहे हैं उसका असर सबसे ज्यादा मौसम पर पड़ेगा। वहां होने वाली हलचल का असर ही पश्चिमी राजस्थान पर असर करेगा। वहां कई विक्षोभ आने की संभावना है।
