
राजस्थान विधानसभा में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में बजट भाषण पढ़ रही हैं। बजट में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही श्रीगंगानगर जिले की सिंचाई, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मांगों पर खास नजर है। जिले के जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि इस बार कई लंबित मांगों को बजट में जगह मिल सकती है।
सैनिकों के लिए इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स प्रदेश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और वीरांगनाओं को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जोधपुर, शेरगढ़, टोंक, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स स्थापित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में जोधपुर, शेरगढ़, झुंझुनू और टोंक में 36 करोड़ की लागत से इन कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा।
प्रथम चरण में जोधपुर, शेरगढ़, झुंझुनू तथा टोंक में 36 करोड़ की लागत से इन कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा।
श्रीगंगानगर जिला कृषि प्रधान होने के कारण सिंचाई, भूजल, सड़क, कचरा प्रबंधन और अधूरी घोषणाओं पर नजर टिकी है। जिले में बढ़ते भूजल स्तर के स्थायी समाधान के लिए बजट मिल सकता है। शहर में पानी निकासी के लिए इस बार विशेष प्रावधान की आस है।
खालों का निर्माण और मरम्मत- अनूपगढ़, सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर विधायकों ने 50-200 करोड़ तक के बजट की मांग की है। किसान खालों को तरस रहे हैं, सिर्फ 47 खाले ही बने हैं।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर- श्रीगंगानगर-कोटपूतली एक्सप्रेसवे, फोरलेन रोड (सादुलशहर-हनुमानगढ़, करणपुर-पदमपुर बाइपास), रिंग रोड, सीसी रोड (शिव चौक से किसान चौक तक)। बस स्टैंड शिफ्टिंग और अंडरपास (आजाद टाकीज) जैसी सौगत मिल सकती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य- नए कॉलेज (सूरतगढ़ महिला कॉलेज, राजियासर-जैतसर), गर्ल्स कॉलेज (केसरीसिंहपुर), अस्पताल अपग्रेड (रायसिंहनगर 50 बेड बढ़ोतरी), उप जिला अस्पताल (सादुलशहर), नशा मुक्ति केंद्र। मिर्जेवाला सैनिक स्कूल और अनूपगढ़ डीटीओ ऑफिस भी मिल सता है।
जिले की अन्य प्रमुख मांगें
अनूपगढ़ को जिला बहाल करना, रावला-रामसिंहपुर को दर्जा, मल्टीस्टोरी पार्किंग (सिविल लाइंस), ठोस कचरा निस्तारण, सरस आहार संयंत्र (300 एमटी), पर्यटन (नग्गी बॉर्डर रिट्रीट सेरेमनी), मिनी सचिवालय (पदमपुर-करणपुर)।
