
हनुमानगढ़। जिला मुख्यालय पर वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था पुनः शुरू करने की मांग को लेकर , यातायात जन सेवा सलाहकार समिति, टैक्सी यूनियन, टेंपो यूनियन एवं बस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा परिसर में दिया जा रहा बेमियादी धरना शुक्रवार को तीसरे दिन समाप्त हो गया। धरना समाप्ति की घोषणा जनप्रतिनिधियों की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद की गई।
आंदोलन को उस समय बल मिला जब स्थानीय विधायक ने परिवहन मंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त आंदोलनकारियों ने भाजपा प्रत्याशी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष को भी ज्ञापन सौंपकर जिला मुख्यालय पर फिटनेस जांच की व्यवस्था शीघ्र बहाल करने की मांग रखी। भाजपा जनप्रतिनिधियों ने परिवहन मंत्री एवं संबंधित कमिश्नर से चर्चा कर संगठनों को आश्वस्त किया कि हनुमानगढ़ में शीघ्र ही एटीएस सेंटर (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) प्रारंभ किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने धरनारत संगठनों को बताया कि मंत्री एवं कमिश्नर स्तर पर सकारात्मक सहमति बनी है और प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। इस आश्वासन के बाद सभी संगठनों ने आपसी सहमति से धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा में एटीएस सेंटर शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन दोबारा तेज किया जाएगा।
धरना समाप्ति के साथ ही मंगल सिल्लू और लीलाधर शर्मा के नेतृत्व में 11 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति में जुगल किशोर राठी, लीलाधर शर्मा, संजीव गोयल, हरजीत सिंह, कपिल गोयल, राजेन्द्र बिश्नोई, भगवती प्रसाद राठी, इन्द्रमोहन कटारिया, मंगल सिंह सिलू, सुशील कुमार एवं प्रमोद शर्मा को शामिल किया गया है। यह समिति वाहनों की फिटनेस, बीमा, टैक्स तथा अन्य परिवहन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से नियमित संवाद बनाए रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
ट्रक यूनियन के प्रतिनिधि लीलाधर शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में एटीएस सेंटर शुरू नहीं किया गया तो दस दिन बाद चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उर्वरक एवं पीडीएस के तहत डिपो तक पहुंचने वाले गेहूं के परिवहन को भी बंद किया जा सकता है।
धरना समाप्ति के बाद परिवहन व्यवसायियों ने उम्मीद जताई कि जिला मुख्यालय पर शीघ्र ही आधुनिक फिटनेस जांच केंद्र शुरू होगा, जिससे ट्रक, बस, टैक्सी एवं अन्य व्यावसायिक वाहनों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी और उन्हें अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा।
