
हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय में शुक्रवार को साइबर विधि एवं जागरूकता विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का तृतीय सत्र आयोजित किया गया। विधिक सहायता केंद्र के तत्वावधान में हुए इस सत्र का मुख्य विषय ‘साइबर अपराध एवं विधिक प्रावधान’ था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसपी कार्यालय में स्थापित साइबर सेल के प्रभारी वाहेगुरु सिंह ने बताया कि अपराधी नई तकनीकों का दुरुपयोग कर लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देने की सलाह दी, जिससे ठगी गई राशि को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।
विशिष्ट अतिथि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के साइबर विशेषज्ञ एवं सहायक प्रोग्रामर डॉ. केंद्र प्रताप ने फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने के खतरों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल हाइजीन अपनाने से लगभग 90 प्रतिशत साइबर हमलों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधिक सेवा केंद्र प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने विधि के विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक साइबर कानूनों की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। सहायक आचार्य डॉ. दिनेश खोथ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने डेटा चोरी, पहचान की चोरी और ऑनलाइन मानहानि जैसे साइबर अपराधों के लिए निर्धारित कड़े दंड का उल्लेख किया।
क्रांति गिला ने सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। छात्राओं कविता डूडी और मोनाली सिंह ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ. मोहम्मद इमरान, हरीश कुमार, निखिल सिगची, विकास चौधरी, नरेश कुमार और मीनाक्षी धूड़िया सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
