
हनुमानगढ़। इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 20 मार्च से 3 मई तक क्लोजर रहेगा। इस संबंध में पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके आधार पर अब राजस्थान सरकार आंशिक बंदी को लेकर निर्णय लेगी। साथ ही राजस्थान सरकार भी नोटिफिकेशन जारी करेगी। पंजाब द्वारा जारी नोटिफिकेशन में सिर्फ क्लोजर का लिखा गया है। 45 दिन का पूर्ण क्लोजर रहने से राजस्थान के लगभग 12 जिलों में पेयजल व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। ऐसे में राजस्थान सरकार 15 दिन का आंशिक और 30 दिन का पूर्ण क्लोजर ले सकती है।
आंशिक क्लोजर के दौरान पेयजल के लिए पानी मिलता रहेगा। पंजाब में राजस्थान फीडर की 16.62 किलोमीटर रिलाइनिंग बाकी है। इस बार क्लोजर अवधि में बकाया काम पूरा करवाने को लेकर तैयारी की जा रही है। पंजाब में राजस्थान फीडर की आरडी 179 से आरडी 496 तक 96.62 किलोमीटर लंबाई में रिलाइनिंग का काम करवाया जाना प्रस्तावित है। वर्ष 2024 तक 80 किलोमीटर लंबाई में काम हो गया। 16.62 किलोमीटर लंबाई में 2025 में काम करवाया जाना था।
पंजाब सरकार द्वारा क्लोजर को लेकर नोटिफिकेशन जारी करने में देरी की गई। इसलिए क्लोजर की अवधि सीमित रही। गत वर्ष रिलाइनिंग का काम बिल्कुल भी नहीं हो पाया था। इस बार विभाग का प्रयास है कि बकाया काम पूरा हो जाए। इंदिरा गांधी नहर परियोजना को पश्चिमी राजस्थान की लाइफ लाइन के रूप में भी जाना जाता है। यह सबसे बड़ी परियोजना है। इससे 12 जिलों के लगभग 1.70 करोड़ लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होता है। जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बाड़मेर जिले के 49 शहर और कस्बों तथा 7500 गांव-ढाणियों में आईजीएनपी से ही पेयजल सप्लाई होता है। महाजन फायरिंग रेंज व सेना को भी इसी से पानी दिया जाता है। इसलिए 3 हजार क्यूसेक पानी सिर्फ पेयजल आपूर्ति के लिए ही चाहिए।
पेयजल आपूर्ति सुचारू रखना जल संसाधन और जलदाय विभाग के जिम्मे रहेगा। इसलिए जल संसाधन विभाग और पीएचईडी के अधिकारियों की आपसी समन्वय के लिए बैठकें भी प्रस्तावित है। आईजीएनपी से 6 जिलों में 16 लाख 17 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। हनुमानगढ़ जिले में 1 लाख 15 हजार 461 हेक्टेयर और श्रीगंगानगर जिले में 2 लाख 67 हजार 181 हेक्टेयर में सिंचाई होती है। इसी की बदौलत क्षेत्र खुशहाल है। हनुमानगढ़-श्रीगंगानग र जिले की अर्थव्यवस्था भी फसलों पर आधारित है। तैयारी: पीएचईडी ने साढ़े 9 करोड़ के प्रस्ताव भेजे, नए ट्यूबवैल लगेंगे: इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर को देखते हुए जलदाय विभाग ने पेयजल सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। एसई विजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले के 308 वाटर वर्क्स पर निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार को करीब साढ़े 9 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि नहरबंदी के दौरान गांवों और शहरों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने तकनीकी और मैदानी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।
नहरों में जहां संभव होगा, वहां अस्थायी पौंड बनाकर पानी का भंडारण किया जाएगा। इसके अलावा वाटर वर्क्स पर टंकियों और जलाशयों को समय रहते भरने की रणनीति बनाई गई है। पीएचईडी के अधिकारियों का दावा है कि क्लोजर के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रहेगी। पुराने ट्यूबवैलों की मरम्मत करवाई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार नए ट्यूबवैल लगवाए जाएंगे। ^इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 45 दिन के क्लोजर का पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब राजस्थान सरकार निर्णय लेगी। आंशिक क्लोजर की अवधि भी तय की जाएगी।
